जुबैर अंसारी/सुपौल। पड़ोसी देश नेपाल में आगामी 5 मार्च को होने वाले संसदीय चुनावों को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कड़ा पहरा लगा दिया गया है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकने के लिए दोनों देशों की सहमति से सीमा को 72 घंटों के लिए पूरी तरह सील करने का निर्णय लिया गया है।

​पाबंदी का समय और सुरक्षा व्यवस्था

प्रशासनिक आदेश के अनुसार, यह पाबंदी 2 मार्च की रात 12:00 बजे से प्रभावी हो गई है, जो 5 मार्च की रात 12:00 बजे तक जारी रहेगी।

इस दौरान:

​आम नागरिकों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक रहेगी।

​व्यावसायिक गतिविधियों और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।
​सीमा सुरक्षा बलों और सुरक्षा एजेंसियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रखा गया है।

​उच्च स्तरीय बैठक और सुरक्षा रणनीति

चुनाव के दौरान असामाजिक तत्वों की घुसपैठ और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए हाल ही में विराटनगर में भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच एक उच्च स्तरीय समन्वय बैठक हुई थी। इसी बैठक में सुरक्षा के कड़े इंतजामों और सीमा सील करने की रणनीति पर मुहर लगाई गई थी।

​होली के त्योहार पर असर

सीमा सील होने का सबसे सीधा असर सीमावर्ती भारतीय और नेपाली क्षेत्रों में पड़ने वाले होली के त्योहार पर पड़ा है। व्यापार ठप होने और आवाजाही बंद होने से इस बार त्योहार की रौनक कुछ फीकी नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के लिए उत्सव से ज्यादा सुरक्षा और चुनावी प्रोटोकॉल का पालन करना प्राथमिकता बन गया है।