Ravindra Jadeja Career in Danger: टीम इंडिया इन दिनों न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेल रही है. पहले दो मैच हो चुके हैं. सीरीज 1-1 से बराबरी पर है. आखिरी मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में होगा. इस सीरीज में टीम ने जीत के साथ आगाज किया था, लेकिन राजकोट में खेले गए दूसरे वनडे को उसने गंवा दिया. पहले दोनों ही वनडे मैचों में टीम इंडिया का एक मैच विनर प्लेयर फ्लॉप रहा है. ये वही खिलाड़ी है जो कई सालों से भारत के लिए ऐसा ऑलराउंडर रहा है, जो गेंद और बल्ले दोनों से कमाल करके टीम इंडिया को जीत दिलाता था, लेकिन पिछले कुछ मैचों से उसके प्रदर्शन का ग्राफ लगातार नीचे जा रहा है. अब अगर न्यूजीलैंड के खिलाफ उसने कुछ बड़ा कमाल नहीं किया, तो फिर टीम में बने रहना मुश्किल हो सकता है.

आखिर कौन है ये खिलाड़ी?
जिस खिलाड़ी की यहां बात हो रही है, वो कोई और नहीं बल्कि बाएं हाथ के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा हैं, जो कीवी टीम के खिलाफ ना तो गेंद से कुछ कर पाए और ना ही बल्ले से. राजकोट तो उनका घरेलू मैदान है, वहां भी जडेजा फिसड्डी रहे हैं. राजकोट वनडे में जडेजा से एक बड़ी पारी की उम्मीद थी, लेकिन वो बल्ले से संघर्ष करते दिखे.
फ्लॉप पर फ्लॉप
राजकोट में हुए दूसरे वनडे में जडेजा ने 44 गेंदों का सामना किया और सिर्फ 27 रन बनाकर चलते बने, जबकि गेंद से 8 ओवर में 44 रन देकर एक भी विकेट नहीं ले पाए. पहले वनडे में भी जडेजा ने निराश किया था. उन्होंने वडोदरा में सिर्फ 4 रन बनाए थे और 9 ओवर में 56 रन देकर एक भी विकेट नहीं निकाला था. मतलब वो फ्लॉप पर फ्लॉप हो रहे हैं. इस खिलाड़ी ने साल 2025 की 7 पारियों में सिर्फ 106 रन बनाए थे. वहीं 2024 में 12 मैचों में सिर्फ 12 विकेट ही निकाल पाए थे.
कभी मैच विनर थे जडेजा, अब कर रहे निराश
ये वही रवींद्र जडेजा हैं, जो लंबे समय तक टीम इंडिया के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडर रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ मैचों में उनके आंकड़े निराश करने वाले रहे हैं. चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भी जडेजा उस रंग में नहीं दिखे थे, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. ना तो वो मिडिल ओवर्स में रन रोक पा रहे थे और ना ही विकेट निकाल पा रहे थे. जडेजा राजकोट में caught and bowled आउट हुए थे. इससे पहले वो ODI क्रिकेट के इतिहास में कभी इस तरह आउट नहीं हुए थे. उन्हें यह मनहूस दिन अपने ही घर में देखना पड़ा.
जडेजा की क्यों बढ़ी मुश्किल?
जडेजा की मुश्किलें इसलिए भी बढ़ गई हैं, क्योंकि अक्षर पटेल ने शानदार प्रदर्शन किया है. उन्होंने गेंद और बल्ले दोनों से कमाल करके यह साबित किया है कि वो जडेजा के परफेक्ट विकल्प हैं. चूंकि टीम 2027 वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटी है, इसलिए सेलेक्टर्स कभी नहीं चाहेंगे कि कोई आउट ऑफ फॉर्म खिलाड़ी टीम के साथ जाए. अब अगर जडेजा ने अगले कुछ मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया, तो उनका न सिर्फ प्लेइंग 11 से बल्कि टीम से भी पत्ता साफ हो सकता है.
कैसा है जडेजा का वनडे करियर?
जडेजा 37 साल के हो चुके हैं. वो टेस्ट और टी20 से संन्यास ले चुके हैं और फिलहाल सिर्फ वनडे खेलते हैं. लेकिन बार-बार फ्लॉप होकर वो टीम पर बोझ साबित हो रहे हैं. अब 18 जनवरी को इंदौर के होल्कर स्टेडियम में होने वाले आखिरी वनडे में उन्हें जलवा दिखाना होगा. जड्डू ने 2009 में श्रीलंका के खिलाफ वनडे क्रिकेट में डेब्यू किया था. तब से लेकर अब तक 209 मुकाबलों में 32.50 की औसत से 2893 रन बना चुके हैं और गेंद से 232 विकेट भी ले चुके हैं.


