पश्चिम एशिया में अभी भी भारत के 22 जहाज फंसे हुए हैं। शिपिंग मिनिस्ट्री के स्पेशल सेक्रेटरी ने राजेश सिन्हा ने गुरुवार को बताया कि भारतीय झंडे वाले जहाज और नाविक सभी सुरक्षित हैं और गल्फ क्षेत्र के समुद्री इलाके में किसी भी घटना की सूचना नहीं है। राजेश सिन्हा ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट के वेस्ट में फारस की खाड़ी में अभी भी भारत के 22 जहाज मौजूद हैं। इन जहाजों पर 611 भारतीय नाविक सवार हैं और सुरक्षित हैं। पिछले 24 घंटों में 16 भारतीय नाविक अपनी साइन-ऑफ के बाद वापस भारत आए।

‘कांडला में अतिरिक्त स्टोरेज की व्यवस्था की गई’

राजेश सिन्हा ने बताया कि दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी, कांडला ने अतिरिक्त स्टोरेज की जगह बनाई है और अतिरिक्त जमीनी स्टोरेज के लिए लगभग 54 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। इसके अलावा कुछ शुल्कों में छूट सहित, शुल्क और परिचालन सहायता भी लागू की गई है।

‘यह समय पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी’

विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर कहा कि यह समय न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय के लिए परीक्षा की घड़ी है। भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए संबंधित देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं और विदेश मंत्रालय खाड़ी क्षेत्र, पश्चिम एशिया में घटनाक्रमों पर करीबी नजर रखे हुए है।

इसके अलावा विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया में विभिन्न स्थानों पर ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हाल में हुए हमले अत्यंत परेशान करने वाला बताया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि पहले से ही दुनियाभर में अनिश्चितता का सामना कर रहा ऊर्जा क्षेत्र और अस्थिर ही होगा। ऐसे हमले अस्वीकार्य हैं और ये रुकने चाहिए।

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m