बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) यानी मुंबई का इलाका, जहां दुनिया के टॉप अमीरों में शुमार कुछ लोगों की रिहाइश है. जहां पर दुनिया के सबसे अमीर फिल्म स्टार्स में से एक रहते हैं. जिस शहर को भारत की इकोनॉमिक कैपिटल कहा जाता है. उसी शहर के म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन का बजट पेश किया. खास बात तो ये है कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब बीएमसी का बजट 80 हजार करोड़ रुपए के पार यानी करीब 9 बिलियन डॉलर पहुंच गया है.
बीएमसी ने बुधवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 80,952.56 करोड़ रुपए के बजट का ऐलान कर दिया है. जोकि वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले 8.77 प्रतिशत अधिक है. बीएमसी के आयुक्त भूषण गगरानी ने बजट पेश किया, जिसमें कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 48,164.28 करोड़ रुपए तय किए गए हैं. यह राशि 2025-26 के मुकाबले 11.59 प्रतिशत अधिक है.
वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रेवेन्यू एक्सपेंडिचर 32,698.44 करोड़ रुपए प्रस्तावित है, जो 2025-26 के 28,257.91 करोड़ रुपए के संशोधित अनुमान से लगभग 15.71 प्रतिशत अधिक है. बजट में अनुमानित कमाई 51,510.94 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो सालाना आधार पर 19.35 प्रतिशत अधिक है. प्रॉपर्टी टैक्स रेवेन्यू , जो बीएमसी की आय के प्रमुख स्रोतों में एक है, 2026-27 के लिए 7,000 करोड़ रुपए रहने का अनुमान है, जो 2025-26 में 6,200 करोड़ रुपए था.
BMC का करीब 81 हजार करोड़ रुपए का बजट देश के कई राज्यों के मुकाबले में काफी बड़ा है. खास बात तो ये है कि बीएमसी एशिया की सबसे बड़ी म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन है. वैसे जिन राज्यों का जिक्र हम करने जा रहे हैं, उनका अगले वित्त वर्ष का बजट सामने नहीं आया है. जब भी उन राज्यों का बजट आएगा, वो बीएमसी के बजट से छोटा ही रहेगा, ये बात तय है.
गोवा की पहले बात करें तो वित्त वर्ष 2025-26 के लिए कुल बजट 28,162 करोड़ रुपए था. जो अगले वित्त वर्ष में अधिक से अधिक 32 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
अरुणाचल प्रदेश का वित्त वर्ष 26 के लिए बजट 39,842 करोड़ रुपए था जो नए वित्त वर्ष के लिए 42 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
हिमाचल प्रदेश बड़ा राज्य है, उसके बाद भी उसका बजट मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 58,514 करोड़ रुपए रखा गया था, जो अगले वित्त वर्ष के लिए 62 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा नहीं होगा.
सिक्किम का कुल बजट अनुमान 16,196 करोड़ रुपए था, जो अगले वित्त वर्ष के लिए 19 से 20 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है.
दूसरी ओर त्रिपुरा बजट वित्त वर्ष 2026 के लिए 31,412 करोड़ रुपए था, जो अगले वित्त वर्ष के लिए 33 हजार करोड़ रुपए पहुंचने का अनुमान है.
अगले फिस्कल ईयर के लिए कैपिटल खर्च का एक बड़ा हिस्सा कोर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रखा गया है. A, B, E, G और T.A. हेड्स के तहत कैपिटल खर्च, जिसमें इम्प्रूवमेंट स्कीम, एजुकेशन फंड, वॉटर सप्लाई और सीवरेज और ट्री अथॉरिटी शामिल हैं, Rs 30,069.89 करोड़ तय किया गया है.
मुंबई का इतना बजट होना भी कोई बड़ी बात इसलिए नहीं है, क्योंकि दुनिया के मानचित्र में इस इलाके का काफी महत्व है. खास बात तो ये है कि अकेले बीएमसी का बजट देश के 5 राज्यों से काफी ज्यादा है. कुछ राज्यों के मुकाबले में ये 4 से 5 गुना के करीब पहुंच गया है.
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