हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 7 लोगों की मौत और 40 से ज्यादा लोगों के अस्पताल में भर्ती होने की खबरों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सुओ मोटो संज्ञान लिया है। इस गंभीर घटना को मानवाधिकार उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है और दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि दूषित पानी की आपूर्ति कैसे हुई, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका क्या रही और पीड़ितों को क्या राहत दी गई ? भागीरथपुरा में पीने के पानी की मुख्य लाइन के पास सीवरेज लाइन में लीकेज होने से गंदा पानी सप्लाई लाइन में मिल गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई दिनों से बदबूदार और गंदा पानी आने की शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोगों को उल्टी-दस्त और अन्य गंभीर लक्षणों के चलते अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
ये भी पढ़ें: इंदौर दूषित पानी कांड के बाद नगरीय विभाग का फरमानः सभी निकायों में पानी शुद्धिकरण की होगी जांच, इधर भोपाल निगम ने नहीं लिया सबक, ड्राइवर ले रहा पानी का सैंपल
NHRC ने यह भी कहा है कि यदि रिपोर्ट्स सही पाई जाती हैं, तो यह प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर मामला है, जिसमें लोगों के जीवन और स्वास्थ्य के अधिकार का उल्लंघन हुआ है। इस मामले ने नगर निगम की जल आपूर्ति व्यवस्था और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ये भी पढ़ें: जबलपुर में जहरीली शराब से 4 मौतः पाउच-पन्नियों में बिक रही शराब, 6 महीने में 19 मौतें, किसी ने पति, बेटे व भाई को खोया, सिंधी कैंप और बाबा टोला बना हॉटस्पॉट
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें


