हेमंत शर्मा, इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर नगर निगम बजट सत्र का दूसरा दिन भी हंगामे की भेंट चढ़ गया। जनता को उम्मीद थी कि 8000 करोड़ से ज्यादा के बजट पर गंभीर चर्चा होगी, लेकिन सदन में पार्षद शेरो-शायरी, तंज कसने और आपसी बहस में ही उलझे रहे।

सदन की कार्यवाही में फेकू ‘पप्पू’, ‘कसाब’, ‘जन्नत की हूर’ और ‘राम मंदिर, दो गुजराती, जुम्मे की नमाज, नवरात्रि की पूजा, कर्बला की जमीन जैसे शब्दों का खूब इस्तेमाल हुआ। यहां तक कि अमिताभ बच्चन की शायरी के हवाले भी दिए गए। जनता ने विपक्ष को शहर के मुद्दे उठाने के लिए चुना था, लेकिन विपक्ष भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम नजर आया। विपक्ष ने श्वान नसबंदी का मुद्दा उठाया, लेकिन जब महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने खड़े होकर सुझाव मांगे तो कोई ठोस जवाब नहीं मिल पाया।

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महापौर ने साफ कहा कि सिर्फ नसबंदी से डॉग बाइट की समस्या खत्म नहीं होगी, इसके लिए व्यवहारिक सुझाव दें। इस बीच जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की तारीफ सदन में हुई, तो विपक्ष फिर भड़क उठा और हंगामा शुरू कर दिया। करीब दो घंटे तक सदन में शोर-शराबा चलता रहा। लंच ब्रेक के दौरान वही पार्षद जो अभी तक एक-दूसरे से भिड़ रहे थे, साथ बैठकर हंसी-मज़ाक करते नजर आए।

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सोशल मीडिया पर सदन की कार्यवाही का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या इसी दिन के लिए पार्षद चुने गए थे ? जब बजट जैसे गंभीर विषय पर चर्चा की जगह सदन मनोरंजन का मंच बन जाए, तो जनता को तंज कसने का पूरा हक है।

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