India On Indus Water Treaty: नए साल के पहले दिन पाकिस्तान ने भारत को धमकी दी (Pakistan threatens India) थी। पाक के बड़बोले सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर (Asim Munir) ने 1 जनवरी को भारत का नाम लिए बिना कड़ी चेतावनी देते हुए आसिम मुनीर ने कहा कि पाकिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उल्लंघन होने पर ‘ठोस और निर्णायक’ जवाब दिया जाएगा। एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान की हेकड़ी निकाल दी है। भारत ने पाकिस्तान का ऐसा नस दबाया कि पाक पीएम शहबाज शरीफ (Shehbaz Sharif) और सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर बिलबिला उठे हैं।

दरअसल सिंधु जल संधि समझौता (आईडब्ल्यूटी) पर भारत के एक्शन से पाकिस्तान सरकार में खौफ बना हुआ है। मोदी सरकार ने कश्मीर में चिनाब नदी पर स्थित 260 मेगावाट की दुलहस्ती हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट फेज-2 को मंजूरी दे दी है। इसके बाद से पाकिस्तान को प्यासा मरने की चिंता सताने लगी है।

पाकिस्तान विदेश कार्यालय के प्रवक्ता ताहिर हुसैन अंद्राबी (Tahir Hussain Andrabi) ने कहा कि भारत चिनाब नदी पर दुलहस्ती हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट फेज-2 का निर्माण कर रहा है, जो हमारे लिए चिंता का विषय है। ताहिर हुसैन अंद्राबी ने कहा कि हमने चिनाब नदी पर दुलहस्ती हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट फेज-2 के निर्माण की भारतीय योजनाओं से संबंधित खबरें देखी हैं। जाहिर है, ये खबरें गंभीर चिंताएं पैदा करती हैं, क्योंकि इस परियोजना के संबंध में पाकिस्तान के साथ कोई पूर्व सूचना साझा नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने भारत से उन परियोजनाओं के बारे में जानकारी मांगी थी जिन्हें वह शुरू करने की योजना बना रहा है।

हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के निर्माण को लेकर PAK की गीदड़भभकी

प्रवक्ता ने कहा कि आईडब्ल्यूटी के तहत, भारत पश्चिमी नदियों पर एकतरफा रूप से किसी भी हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट के निर्माण के लिए अपने सीमित हिस्से का दुरुपयोग नहीं कर सकता है। अंद्राबी ने दोहराया कि आईडब्ल्यूटी एक बाध्यकारी अंतरराष्ट्रीय समझौता बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन वह अपने मूलभूत जल अधिकारों को लेकर कभी समझौता नहीं करेगा।

पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत ने रद्द कर दी थी सिंधु जल संधि समझौता

बता दें कि 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकवादी हमले के एक दिन बाद, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई दंडात्मक उपाय लागू किये थे, जिनमें 1960 की सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) को स्थगित करना भी शामिल था। विश्व बैंक की मध्यस्थता से गठित आईडब्ल्यूटी 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के वितरण और उपयोग को नियंत्रित करती आ रही है।

यह भी पढ़ेंः- ‘एक मूर्ख की वजह से देश इतना नुकसान नहीं झेल सकता…,’ किरेन रिजिजू का राहुल गांधी पर करारा वार, बोले- अब हर बिल पास कराएगी सरकार

Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m