नार्थ कोरिया: कैसा दिखता है एक तानाशाह का देश

दिल्ली. नार्थ कोरिया का नाम सुनते ही एक ऐसे देश की इमेज दिमाग में आती है जो पूरी दुनिया से अलग-थलग औऱ दूसरे देशों के लिए अजूबा है. करीब सत्तर साल पहले बना ये देश आज पूरी दुनिया में अपने तानाशाह की सनक के लिए जाना जाता है. ऐसी कहानियां सामने आती हैं कि नार्थ कोरिया के लोग बेहद गरीबी और भुखमरी में गुजर बसर कर रहे हैं.
हम तस्वीरों के जरिए बताने की कोशिश करेंगे कि किम जोंग उन नाम के तानाशाह का देश किस तरह दिखता है. क्या नार्थ कोरिया अंदर से भी उतना ही भयावह और खतरनाक है जितना हम उसके बारे में सुनते हैं. तस्वीरों की जुबानी, नार्थ कोरिया की कहानी.

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सबसे पहले मिलाते हैं तानाशाह किम जोंग उन और उनकी पत्नी रि सोल जू, लोगों को इनके बारे में न तो ज्यादा जानकारी है और न ही लोगों के सामने आती हैं. इनके बारे में सबकुछ इतना सीक्रेट रखा जाता है कि इनके पर्सनल स्टाफ तक ने कभी किम जोंग उन की पत्नी की आवाज नहीं सुनी है.

राजधानी प्योंगयांग के मैनसुडेई ग्रांड मोनूमेंट में हर नार्थ कोरियाई का आना और तानाशाह किम जोंग उन और उनके पिता किम इल सुंग की आसमान छूती मूर्ति को श्रद्धासुमन अर्पित करना अनिवार्य है. खास बात ये है कि देश के ज्यादातर हिस्सों में बिजली पहुंची तक नहीं है वहीं इन दोनों मूर्तियों को रात में विशेष रूप से रौशन किया जाता है.

ये देश के लोगों के हालात बयान करती तस्वीर है जो बताती है कि राजधानी प्योंगयांग के अलावा देश के दूसरे हिस्सों का क्या हाल है. इस देश में यातायात के लिए बसों की जगह ट्रकों का इस्तेमाल किया जाता है. इंसान भेड़ बकरियों की तरह इन ट्रकों में सफर करने को मजबूर हैं. सड़कों की हालत तो तस्वीर खुद बयान कर रही है.

आपने शायद ही कभी किसी देश में ट्रैफिक पुलिसवाली देखी हो लेकिन नार्थ कोरिया की राजधानी में ये नजारे आम हैं. इस मायने में ये देश सबसे अलग है कि यहां की सड़कों पर ट्रैफिक कंट्रोल करने के लिए बेहद खूबसूरत ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौजूद हैं. खास बात ये है कि ये सारी महिलाएं हैं. कम से कम इस अभिनव प्रयोग के बारे में तो नार्थ कोरिया की तारीफ कर ही सकते हैं.

हम भले ही लग्जरी कारों के बारे में बात करते हों लेकिन नार्थ कोरिया में कार ले पाना आम आदमी के बस के बाहर है. यही वजह है कि लोग अभी भी आने जाने के लिए साइकिल का इस्तेमाल करते हैं. कारें यदा कदा ही सड़क पर दिखती हैं, कारें या तो सरकारी अधिकारियों की होती हैं या फिर मिलिट्री अफसरों की. आम आदमी उनके बारे में सोच भी नहीं सकता.

दिखने में ये रेस्तरां लगता है. खास बात ये है कि ये एक रेस्तरां ही है लेकिन इसमें पूरे दिन में शायद ही कोई कस्टमर आता हो. महीने में ऐसे रेस्तरां में कभी कभार कोई कस्टमर आ जाए तो बड़ी बात होती है. रेस्तरां की खाली कुर्सियां देश के हालात खुद बयान करती हैं.

राजधानी प्योंगयांग में बन रही मल्टीस्टोरी बिल्डिंग, जहां पूरी दुनिया के देश ऐसी इमारतें बनाने के लिए ढेर सारी मशीनें और मजदूरों के लिए सेफ्टी उपकरण का इस्तेमाल करती हैं वहीं जान जोखिम पर डालकर इस तरह से मजदूरों का काम करना बताता है कि यहां इंसान के जान की कीमत क्या है.

आपने शायद ही स्नेक बीयर या स्नेक वाइन के बारे में सुना हो लेकिन यहां वाइन में जिंदा सांप को डालकर उसे वाइन में रखा और फिर पिया जाता है.

बच्चों को ले जाने के लिए स्कूल बस तो हम सबने देखी होगी लेकिन यहां नन्हे मुन्नों को भी कितनी मुश्किल जिंदगी जीनी पड़ती है इसका अंदाजा इस बात से ही लगा सकते हैं कि कैसे ट्रक में जानवरों की तरह ठूंसकर बच्चों को स्कूल ले जाया जा रहा है. दरअसल उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प ही नहीं है

तस्वीरों के जरिए हमने दिखाने की कोशिश की है कि एक तानाशाह का देश कैसा दिखता है. जहां लोगों के पास बुनियादी सुविधाएं तक न हों औऱ इंसान के जान की कीमत न हो. उस देश में इंसान कैसे रहता होगा इसका अंदाजा भर लगाया जा सकता है. जहां देश की ज्यादातर आबादी को भरपेट खाना न नसीब होता हो उस देश का तानाशाह परमाणु बम के एक के बाद एक परीक्षण कर अपनी सनक पूरा करने के लिए बेहिसाब पैसे खर्च कर रहा है. इसे एक तानाशाह की सनक के अलावा क्या कहा जा सकता है.

 

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