दिल्ली पुलिस की IFSO (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रेटेजिक ऑपरेशंस) यूनिट ने शुक्रवार को ‘अवैध सिम बॉक्स नेटवर्क’ के जरिए एक्टिव एक इंटरनेशनल साइबर क्राइम गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस गिरोह के तार चीन, नेपाल, कंबोडिया, ताइवान और पाकिस्तान तक फैले हुए थे. ये गिरोह बड़े लेवल पर ऑनलाइन धोखाधड़ी और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्‍ट’ घोटालों में कथित तौर पर शामिल था. अधिकारियों का अनुमान है कि इस गिरोह ने अब तक लगभग 100 करोड़ रुपये ठगे हैं. अब तक 20,000 ई-सिम और 120 फिजिकल सिम कार्ड जब्त किए गए हैं.

IFSO के डीसीपी विनीत कुमार ने बताया कि ये गिरोह लोगों को फंसाने के लिए डराने-धमकाने की रणनीति अपनाता था और झूठा दावा करता था कि उनके फोन नंबर आतंकी फंडिंग या आतंकी हमलों से जुड़े हैं. जांचकर्ताओं ने खुलासा किया कि गिरोह ने दिल्ली विस्फोट और पहलगाम हमले जैसी घटनाओं के बाद लोगों के डर का फायदा उठाया और इन घटनाओं का इस्तेमाल पीड़ितों को धमकाने और उनसे जबरन वसूली करने के लिए किया.

दिल्ली, मोहाली और मुंबई से सिम बॉक्स बरामद

गिरोह के अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें एक ताइवानी नागरिक भी शामिल है. दिल्ली, मोहाली और मुंबई से सिम बॉक्स बरामद किए गए हैं. सिम बॉक्स एक ऐसा डिवाइज है, जो कई फिजिकल सिम या ई-सिम को दूर से इस्‍तेमाल करने की सुविधा देता है और साइबर धोखाधड़ी में कॉल के सोर्स को छिपाने के लिए आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है. पुलिस के अनुसार, लगभग 25 अधिकारियों की एक टीम ने भारतीय एजेंसियों, भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) और दूरसंचार विभाग (DoT) की सहायता से ज्‍वॉइंट ऑपरेशन चलाया. इसके बाद गिरोह को पकड़ा गया.

कैसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़?

साइबर अपराधियों के गिरोह का भंडाफोड़ शशि प्रसाद की गिरफ्तारी से शुरू हुई, जिसने डिवाइज रखने के लिए एक कमरा किराए पर लिया था. उससे पूछताछ के बाद पुलिस परमिंदर सिंह तक पहुंची. दोनों ड्राइवर के रूप में काम करते थे और कथित तौर पर दोनों की कमाई 1 लाख रुपये से अधिक थी. आगे की जांच में ताइवान के नागरिक त्सुंग चेन का पता चला, जिसने कथित तौर पर दिल्ली और मोहाली में सिम बॉक्स का इस्‍तेमाल किया था.

ताइवानी नागरिक गिरफ्तार

गिरफ्तार सुंग चेन, जो ताइवानी नागरिक है, SIM बॉक्स का पूरा टेक्निकल सेटअप करता था. उसकी गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि उसने मोहाली में भी ऐसा ही नेटवर्क खड़ा कर रखा था. जांच में यह भी सामने आया कि इस गिरोह को पाकिस्तान से गाइड किया जा रहा था. मोहाली से बरामद SIM में एक पाकिस्तानी SIM कंपनी (FEMA) का IMEI नंबर मिला है.

देशभर में फैला नेटवर्क

कोयंबटूर से दिनेश नाम के आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है, जहां SIM बॉक्स लगाया गया था. हाल ही में निहाल विहार और नरेला से तमिलनाडु पुलिस द्वारा SIM बॉक्स बरामद किए जाने का मामला भी इसी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है. दिल्ली पुलिस ने इसे अब तक का सबसे बड़ा SIM बॉक्स आधारित साइबर फ्रॉड नेटवर्क बताया है. मामले में आगे की जांच जारी है और विदेशी लिंक को लेकर केंद्रीय एजेंसियों को भी सूचना दी गई है.

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