International Tiger Day: टाइगर स्टेट में बढ़ रही बाघों की संख्या, देश भर में बांधवगढ़ की बादशाहत बरकरार

संजय विश्वकर्मा, उमरिया। दुनियाभर में 29 जुलाई के दिन बाघों को संरक्षण देने और उनकी प्रजाती को विलुप्त होने से बचाने के लिए विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है. साल 2010 में रूस के सेंट पीटर्सबर्ग में इसे मनाए जाने की घोषणा हुई थी.

बाघों को संरक्षण देने और उनकी प्रजाती को विलुप्त होने से बचाने के लिए विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है. दुनियाभर में 29 जुलाई के दिन विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है.शालीनता, दृढ़ता, फुर्ती और अपार शक्ति के कारण ‘रॉयल बंगाल टाइगर’ को भारत का राष्ट्रीय पशु माना जाता है जिसके बावजूद भारत में साल 2010 में बाघ विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए थे.

अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के जरिए लोगों को बाघ के संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाता है. इसके अलावा लोगों को पारिस्थितिक तंत्र में बाघों के महत्व को भी बताया जाता है. जिसका परिणाम यह है कि देश में तेजी से बाघों की संख्या बढ़ रही है. साल 2010 में की गई गणना के मुताबिक बाघों की संख्या 1706 थी, वहीं साल 2018 की गणना के अनुसार देशमें बाघों की संख्या बढ़कर 2967 हो गई है.

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मध्य प्रदेश की बात करें तो किसी जमाने में रीवा राजशाही की संपत्ति रहे बाघ दर्शन के लिए दुनिया भर में मशहूर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की प्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा दिलाने में अहम भूमिका रही है. टाइगर स्टीमेशन 2018 के द्वारा जारी किए गए प्रदेश भर में 526 बाघों की मौजूदगी के आंकड़ों के साथ-साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में अप्रत्याशित रूप में बाघों की वंश वृद्धि हुई है और टाइगर रिजर्व के जंगलो में 124 बाघों की मौजूदगी है.

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खास बात यह है कि बीते आठ वर्षों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से प्रदेश के बाघ विहीन जंगलो में बाघ पुर्नस्थापना परियोजना के तहत कई बाघ अलग अलग टाइगर रिजर्वो एवं अभ्यारण्यों में भेजे गए हैं. जो प्रदेश भर मे बाघों की संख्या बढ़ाने में कारगर साबित हुए है. बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के सीमित क्षेत्र बाघों की संख्या दुनिया भर में सबसे ज्यादा है, इसलिए औसत घनत्व में बाघों की सबसे ज्यादा मौजूदगी का रिकार्ड बांधवगढ टाइगर रिजर्व के पास सुरक्षित है.

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वहीं विश्व बाघ दिवस के अवसर पर बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व के फील्ड डायरेक्टर विंसेंट रहीम ने लल्लूराम डॉट कॉम से बात करते हुए कहा की टाइगर कंजर्वेशन में पूरे विश्व भर में भारत का सर्वोच्च स्थान हैं. उन्होंने कहा की कुछ ही दिनों बाद पूरे देश भर मे NTCA के मार्गदर्शन मे पुनः बाघ गणना होने जा रही हैं. जिनके आकड़ें 2022 मे इंटरनेशनल टाइगर डे के दिन ही घोषित होने उम्मीद है कि प्रदेश के साथ-साथ बांधवगढ़ की बादशाहत पूरे देशभर में बनी रहेगी.

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