Sports News – IPL 2026, KKR vs LSG: आईपीएल 2026 में 9 अप्रैल की शाम उस खिलाड़ी के नाम रही, जिसे उसके पिता ने कर्ज लेकर क्रिकेटर बनाया. बेटा क्रिकेटर बन सके, इसके लिए नौकरी छोड़ी और घर तक बेच दिया. किराए के घर में रहकर बेटे का सपना पूरा करने में जुट गए. आज उसी बेटे ने हर किसी का दिल जीत लिया है. 19वें सीजन के 15वें मुकाबले में जब सभी को लगा कि केकेआर के खिलाफ लखनऊ की टीम ने हथियार डाल दिए हैं और उसके हाथ से मैच निकल गया, ऐसे में मुकुल क्रीज पर आए और उन्होंने तूफानी बल्लेबाजी से पूरी कहानी बदल डाली.

7 छक्के उड़ाकर उन्होंने अपनी टीम को लखनऊ को यादगार जीत दिलाई. वो इस पारी के दम पर रातोंरात स्टार बन गए. आज हर किसी की जुबान पर मुकुल का नाम है. आइए जानते हैं मुकुल चौधरी कौन हैं, कहां से आते हैं और वो कैसे केकेआर के खिलाफ लखनऊ की जीत के हीरो बने.

मुकाबले में केकेआर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 181 रन बनाए थे. रहाणे ने 24 गेंदों पर 41, अंगकृष रघुवंशी ने 33 गेंदों पर 45, कैमरन ग्रीन ने 24 गेंदों पर नाबाद 32 और रोवमैन पॉवेल ने 24 गेंदों पर नाबाद 39 रन बनाकर टीम को 181 तक पहुंचाया था. लखनऊ की गेंदबाजी में दिग्वेश राठी, प्रिंस यादव, मणिमरन सिद्धार्थ और आवेश खान ने एक-एक विकेट लिया. वहीं, मोहम्मद शमी सबसे किफायती रहे, लेकिन विकेट नहीं ले सके. अब बारी चेज की थी.

मुकुल चौधरी कैसे बने जीत के हीरो?

182 रनों का पीछा कर रही लखनऊ को मुकुल ने वहां से मैच जिता दिया, जहां से सभी ने उम्मीद छोड़ दी थी. हुआ ये कि 182 रनों का पीछा करते हुए लखनऊ की टीम बैक-टू-बैक विकेट खोती गई. एडेन मार्करम, मिचेल मार्श, ऋषभ पंत और निकोलस पूरन का बल्ला खामोश रहा. आयुष की फिफ्टी के दम पर टीम का स्कोर 15.6 ओवर में 128/7 हो गया था. आखिरी 4 ओवरों में 54 रन चाहिए थे.

मुकुल नंबर 7 पर बैटिंग करने आए थे. उन्होंने शुरुआत में कुछ बॉल देखीं, फिर छक्के मारना शुरू किया. उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन ठोक दिए, जिसमें 2 चौके और 7 छक्के शामिल रहे. इन 9 शॉट्स ने ही केकेआर की हार की कहानी लिख दी. उनके अलावा आयुष बडोनी ने भी 34 गेंदों पर 54 रनों की शानदार पारी खेली.

एक वक्त ऐसा आया कि लखनऊ की टीम को जीत के लिए आखिरी 2 ओवरों में 30 रन चाहिए थे. मुकुल ने 19वें ओवर में 16 रन बटोर लिए. अब आखिरी ओवर की बारी थी, जिसमें 14 रन चाहिए थे.

आखिरी ओवर में ऐसे बने 14 रन

आखिरी ओवर की पहली बॉल पर आवेश खान ने सिंगल लेकर मुकुल को स्ट्राइक दी और फिर मुकुल ने दूसरी बॉल पर छक्का ठोका, लेकिन वो तीसरी और चौथी बॉल मिस कर गए. अब आखिरी 2 बॉल पर 7 रन चाहिए थे. 5वीं बॉल पर मुकुल ने छक्का ठोक मैच को टाई करा दिया. अब आखिरी बॉल पर 1 रन चाहिए था. मुकुल इस गेंद को मिस कर गए, लेकिन उन्होंने दौड़कर एक रन पूरा किया. विकेटकीपर ने थ्रो किया, लेकिन बॉल स्टंप पर नहीं लगी. इस तरह लखनऊ की टीम जीत गई.

कौन हैं मुकुल चौधरी?

मुकुल चौधरी दाएं हाथ के विकेटकीपर बल्लेबाज हैं, जो घरेलू क्रिकेट में राजस्थान के लिए खेलते हैं. इस खिलाड़ी का जन्म 6 अगस्त 2004 को राजस्थान के झुंझुनू में हुआ था. वो राजस्थान के लिए अब तक 4 फर्स्ट क्लास, 5 लिस्ट-ए और 10 टी20 मुकाबले खेल चुके हैं. फर्स्ट क्लास मैचों में मुकुल ने 17.16 की औसत से 103 रन बनाए हैं. लिस्ट-ए क्रिकेट में मुकुल के नाम 14.20 की औसत से 71 रन दर्ज हैं, जबकि टी20 क्रिकेट में मुकुल ने 46.66 की औसत और 164.70 के स्ट्राइक रेट से 280 रन बनाए हैं, जिसमें तीन अर्धशतक शामिल हैं.

मुकुल चौधरी की खासियत क्या है?

मुकुल चौधरी के पास छक्के लगाने की जबरदस्त क्षमता है. उनका बैट स्विंग बेहद फास्ट है. वो तगड़े सिक्स-हिटर कहलाते हैं. यही वजह है कि जब यह खिलाड़ी मिनी ऑक्शन में 30 लाख रुपये के बेस प्राइस के साथ उतरा, तो लखनऊ ने 2.60 करोड़ रुपये की बोली लगाकर उन्हें खरीदा. खास बात ये है कि विकेटकीपर और बल्लेबाज के अलावा मुकुल तेज गति के गेंदबाज भी हैं. जरूरत पड़ने पर वो बॉलिंग भी करते हैं.

गरीब परिवार से आते हैं मुकुल

आईपीएल नीलामी में करोड़ों की बोली लगने के बाद मुकुल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो गरीब परिवार से आते हैं. उन्हें क्रिकेटर बनाने के लिए परिवार ने काफी मदद की. पिता ने पूरा सपोर्ट किया. मुकुल ने बताया था, “मेरे पिता ने लोन लेकर एक छोटा होटल बिजनेस शुरू किया था. सबसे पहले तो वो लोन राइट ऑफ करना है. उसके बाद ही हम कुछ खरीदने के बारे में सोच सकते हैं. हमारे पास खुद का घर भी नहीं है. हमें अपना घर बेचना पड़ा था, क्योंकि क्रिकेट महंगा स्पोर्ट है. आपको बैट लेने के लिए 20-30 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं और अलग-अलग ग्राउंड्स में ट्रैवल भी करना पड़ता है.” मुकुल ने अपने पिता और परिवार के स्ट्रगल की भरपाई 9 अप्रैल 2026 को पूरी कर दी.

जस्टिन लैंगर ने मुकुल चौधरी को लेकर कही थी बात

ये वही मुकुल हैं, जिन्हें लेकर LSG के कोच जस्टिन लैंगर ने बड़ी बात कही थी. उन्होंने कहा था कि, “अगर उसने चाहा, तो अगले 3-4 महीने में मैं उसे इंडिया में नंबर 6-7 का सबसे खतरनाक बैटर बना दूंगा.” मुकुल ने शायद आज लैंगर की इसी बात को सच कर दिया है. जस्टिन लैंगर ने कप्तान ऋषभ पंत से प्री-सीजन कैंप में मुकुल चौधरी के बारे में कहा था, “हम मुकुल चौधरी को बहुत बड़ा पोटेंशियल वाला खिलाड़ी मानते हैं, जरूरत पड़ी तो वो विकेटकीपिंग भी कर सकता है.”