पटना। ​आंध्र प्रदेश के बहुचर्चित सांसद कनकुरु रघुराम कृष्ण राजू को हिरासत में प्रताड़ित करने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बिहार कैडर के IPS और तत्कालीन CID डीआईजी एम. सुनील नायक के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। वर्तमान में प्रकाशम जिला पुलिस ने उनके सरकारी आवास की घेराबंदी कर उन्हें एक तरह से ‘होम अरेस्ट’ की स्थिति में रखा है, जहां घंटों से पूछताछ का सिलसिला जारी है।

​क्या है पूरा मामला?

​यह विवाद साल 2021 का है, जब वाईएसआरसीपी के तत्कालीन सांसद रघुराम कृष्ण राजू ने आरोप लगाया था कि गुंटूर के नगरपलम पुलिस स्टेशन और CID हिरासत के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार और प्रताड़ना की गई। उस समय एम. सुनील नायक आंध्र प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर तैनात थे और CID में अहम पद संभाल रहे थे।

सत्ता परिवर्तन और कानूनी शिकंजा

सुनील नायक साल 2019 में आंध्र गए थे और 3 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद वापस बिहार लौट आए थे। हालांकि, 2024 में आंध्र प्रदेश में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) की सरकार बनने के बाद इस केस ने फिर रफ्तार पकड़ी। इससे पहले प्रकाशम पुलिस उन्हें कई बार बयान दर्ज कराने के लिए समन भेज चुकी थी, लेकिन नायक उपस्थित नहीं हो रहे थे।

​आवास पर भारी सुरक्षा और अफरा-तफरी

​फिलहाल सुनील नायक के सरकारी आवास पर माहौल तनावपूर्ण है। वहां न केवल भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है, बल्कि अग्निशमन विभाग और होमगार्ड के जवानों की मौजूदगी ने मामले की गंभीरता को बढ़ा दिया है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद हैं और उनसे गहन पूछताछ की जा रही है। अब देखना यह होगा कि क्या पुलिस उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार करती है या जांच का कोई नया मोड़ सामने आता है।