Iran Anti Khamenei Protest: ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई (Ali Khamenei) के खिलाफ चल रहे प्रदर्शनों के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। अली खामेनेई सरकार प्रदर्शन को कुचलने के लिए अब साम दाम दंड भेद की नीति पर काम करना शुरू कर दिया है। ईरान में खामेनेई के खिलाफ आवाज बुलंद करने वाले 26 साल के प्रदर्शनकारी को फांसी दी जा सकती है। खामेनेई सरकार 26 साल के इरफान सोलतानी (erfan soltani) को फांसी दी जाने की तैयारी शुरू कर दी है। इरफान सोलतानी को बुधवार यानी 14 जनवरी को फांसी दी जा सकती है।
इरफान सोलतानी तेहरान के पास कराज शहर के फर्दीस इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें 8 जनवरी को खामेनेई के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार संगठनों और मीडिया का कहना है कि उनकी मौत की सजा की तारीख तय कर दी गई है और अब कभी भी इस पर अमल किया जा सकता है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद से इरफान सोलतानी को वकील से मिलने और अपनी सफाई रखने का मौका नहीं दिया गया। उनके परिवार को भी मामले की अहम जानकारियों से दूर रखा गया, यहां तक कि यह भी साफ नहीं बताया गया कि उन्हें किस एजेंसी ने गिरफ्तार किया। हेंगॉ संगठन के हवाले से जफीड ने बताया कि सोलतानी के परिवार को 11 जनवरी को उनकी मौत की सजा की जानकारी दी गई। इसके बाद परिवार को उनसे सिर्फ 10 मिनट की मुलाकात की इजाजत दी गई। परिवार के करीबी एक सूत्र ने बताया कि अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सजा अंतिम है और तय समय पर लागू की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, सोलतानी की बहन, जो खुद एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं, ने कानूनी रास्ते से मामले को आगे बढ़ाने की कोशिश की। हालांकि उन्हें केस फाइल देखने, अपने भाई का प्रतिनिधित्व करने या सजा को चुनौती देने की अनुमति नहीं दी गई। लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी मारियो नॉफाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया है कि मौजूदा विरोध प्रदर्शनों में अब तक करीब 2,000 लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार डर का इस्तेमाल कर भीड़ को काबू में रखना चाहती है।
तेज ट्रायल और डर का माहौल?
इजरायल और अमेरिका आधारित न्यूज आउटलेट जफीड (Jfeed) की रिपोर्ट के अनुसार, सोलतानी का मामला तेजी से दी जा रही सजाओं की शुरुआत हो सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरानी सरकार इस तरह की सख्त कार्रवाई से आगे के प्रदर्शनों को रोकना चाहती है। नॉर्वे में पंजीकृत कुर्द मानवाधिकार संगठन हेंगॉ (Hengaw Organisation for Human Rights) ने इस मामले में कानूनी प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं. संगठन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई है।
खामेनेई के खिलाफ 16 दिन से प्रदर्शन जारी, 500 से ज्यादा की मौत
बता दें कि ईरान के सर्वोच्य नेता अली खामेनेई (Ali Khamenei) को सत्ता से बेदखल करने और इस्लामी शासन (Islamic rule) के खिलाफ ईरान में विरोध प्रदर्शन पिछले 16 दिन से जारी है। वहीं आंदोलन को कुचलने में भी खामेनेई सरकार जुटी हुई है। हिंसा में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, 10,681 लोगों को हिरासत में लिया गया है। ईरान की राजधानी तेहरान में एक हॉस्पिटल के बाहर लोगों की लाशों का ढेर पड़ा हुआ है। इस ढेर में कुछ लोग अपने परिवार वालों के लाशों की तलाश कर रहे हैं।
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