कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर में गंदे नाले के पानी से सब्जियां उगाने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है और यहां चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने हाईकोर्ट में पेश की अपनी रिपोर्ट में बताया है कि शहर के लगभग सभी नालों का पानी भारी मात्रा में सीवेज से दूषित है। यह पानी अत्यंत प्रदूषित है और न पीने, न निस्तार और न ही सिंचाई के लिए उपयुक्त है।
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MPPCB की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर यह दूषित पानी वाटर पाइपलाइन में मिल जाता है तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। सब्जियों की खेती में इस्तेमाल होने से जहरीले तत्व सीधे लोगों की थाली तक पहुंच रहे हैं, जो कैंसर, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है।
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हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने इस मामले में सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि घरों से निकलने वाला सीवेज नालों में मिलने से रोका जाए। सीवेज को ट्रीटमेंट प्लांट से जोड़ा जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सुझावों पर सरकार तत्काल अमल करे और अमल की रिपोर्ट पेश करे। मामले की अगली सुनवाई अब 2 फरवरी को होगी। यह PIL न्यूज रिपोर्ट्स के आधार पर स्वत: संज्ञान में लिया गया है, जो जन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
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