कुमार इंदर, जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने नियम विरुद्ध संचालित अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। अदालत ने सभी हॉस्पिटलों के खिलाफ कार्रवाई की एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है। उच्च न्यायालय ने सरकार को दो हफ्ते के अंदर रिपोर्ट जमा करने को कहा है। वहीं न्यू लाईफ अस्पताल अग्निकांड की हाईलेवल जांच कमेटी की रिपोर्ट पुलिस को सौंपने के आदेश दिए है।

दरअसल, कोरोना काल में नियम विरुद्ध खुले अस्पतालों के खिलाफ ला स्टूडेंट एसोसिएशन ने याचिका लगाई है। जिसमें नियमों को ताक में रखकर, नेशनल बिल्डिंग कोड, फायर सिक्योरिटी के नियम, बिल्डिंग कम्प्लीशन सर्टिफिकेट की अनदेखी कर अस्पताल खोलने की बात कही गई है। इस मामले में गुरुवार को हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत और जस्टिस विवेक जैन की बैंच ने सुनवाई की।

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याचिकाकर्ता एडवोकेट विशाल बघेल ने बताया कि कोरोना काल के दौरान प्रशासन द्वारा नियम विरूद्ध अस्पतालों को संचालन करने की अनुमति दी गई थी। जिसमें नेशनल बिल्डिंग कोड, बिल्डिंग कम्प्लीशन सर्टिफिकेट, पार्किंग का स्पेस, इन सभी की अनदेखी की गई थी। इसे लेकर एक जनहित याचिका लगाई गई थी। जबलपुर में लगभग 65 अस्पताल संचालित किए गए थे। इन सभी को हमने चुनौती दी थी। इस मामले में लंबे समय से सुनवाई चल रही थी।

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