छत्तीसगढ़ सरकार और केंद्र के बीच जल जीवन मिशन 2.0 (JJM 2.0) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए March 2026 में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की वर्चुअल उपस्थिति में, इस MoU का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सतत, गुणवत्तापूर्ण और हर घर तक सुरक्षित नल जल की पहुंच सुनिश्चित करना है.
यह समझौता छत्तीसगढ़ में जल आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है, जो ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने पर केंद्रित है।

छत्तीसगढ़ के साथ समझौता ज्ञापन पर संयुक्त सचिव (जल) श्रीमती स्वाति मीना नाइक और छत्तीसगढ़ सरकार के पीएचईडी विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो ने हस्ताक्षर किए। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साई, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साओ और राज्य के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की वर्चुअल उपस्थिति में रेजिडेंट कमिश्नर श्रीमती श्रुति सिंह द्वारा इसका आदान-प्रदान किया गया।
MoU के प्रमुख बिंदु जो इसे बहुत ही खास बनाती हैं-: छत्तीसगढ़ के ग्रामीण घरों में शत-प्रतिशत नल कनेक्शन और जल सुरक्षा सुनिश्चित करना। पानी की टंकियों से आगे जल वितरण प्रणाली का संचालन और रखरखाव पंचायतों को सौंपा जाएगा। यह सुनिश्चित करना कि ग्रामीण आबादी को निरंतर, उच्च गुणवत्ता वाला पेयजल मिले। जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को सक्रिय किया जाएगा। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ‘सुजलम भारत’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर पारदर्शी निगरानी की जाएगी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ विधानसभा में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केन्द्र और राज्य के बीच MoU कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया।
मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में यह पहल ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि “हर घर जल” के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुये MoU से इन कार्यों में गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्रीनरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 10 मार्च 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन के विस्तारित चरण, जल जीवन मिशन 2.0 को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में अब तक 41 लाख 30 हजार से अधिक ग्रामीण परिवारों, यानी लगभग 82.66 प्रतिशत घरों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराया जा चुका है। साय ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत दूरस्थ, वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों तक शुद्ध पेयजल पहुंचने से महिलाओं को बड़ी राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए दूर-दूर तक जाना पड़ता था।
उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्राम स्तर पर जल प्रबंधन में समुदाय की भागीदारी बढ़ाने और जल स्रोतों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही जल संवर्धन, पुनर्भरण तथा योजनाओं के संचालन और रखरखाव को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है
मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस MoU के माध्यम से पारदर्शी और तकनीक आधारित जल सेवा प्रणाली विकसित की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल वितरण और अधिक व्यवस्थित एवं सुदृढ़ होगा।

केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि आज का दिन अत्यधिक महत्वपूर्ण है और इस MoU के बाद छत्तीसगढ़ में पाइप लाइन एवं संरचनाओं के माध्यम से प्रत्येक घर में पानी की पहुँच सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों को इसके तहत सशक्त अधिकार प्राप्त होंगे और इन संरचनाओं के रख रखाव के लिए वे जिम्मेदार होंगे।

मंत्री सी आर पाटिल ने कहा कि जिला प्रशासन के जरिये पंचायत के कार्यों पर निगरानी रखी जाएगी एवं आवश्यकता होने पर सहायता भी करेंगे। उन्होंने बताया कि आज का यह MoU जल शक्ति मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन का साझा प्रयास का परिणाम है। इससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हर घर स्वच्छ एवं निर्बाध पानी की पहुँच का सपना साकार होगा।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की वर्चुअल मौजूदगी में अधिकारियों ने एमओयू पर हस्ताक्षर कर एक्सचेंज किया। जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गुजरात, हरियाणा, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और गोवा के साथ सुधार से संबंधित समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए. केंद्र-राज्य की जल जीवन मिशन 2.0 की यह साझेदारी जवाबदेह और समुदाय-संचालित जल शासन के लिए स्थायी ग्रामीण जल वितरण हेतु सुधारों को आगे बढ़ाती है
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