विजय कुमार, जमुई। एक तरफ जहां बिहार समेत पूरे देश में एलपीजी गैस की किल्ल्त को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। उधर दूसरी तरफ इस मुसीबत की घड़ी में गैस के कालाबाजारी का भी खेल शुरू हो चुका है। वहीं, इससे निजात पाने के लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में जमुई जिला प्रशासन द्वारा जिले में घरेलू रसोई गैस (LPG) की निर्बाध आपूर्ति और उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु व्यापक कदम उठाए जा रहे हैं।
इसी क्रम में आज गुरुवार 12 मार्च को जिला पदाधिकारी नवीन ने समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में जिले की सभी गैस एजेंसियों के प्रबंधकों और संबंधित पदाधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक के उपरांत जिला पदाधिकारी ने जिलेवासियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि, जमुई में घरेलू उपयोग के लिए रसोई गैस सिलेंडरों का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, अतः आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की घबराहट या ईंधन संकट की आशंका पालने की कतई आवश्यकता नहीं है।
बैठक में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि, पेट्रोलियम एजेंसियों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिले की आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय है और मांग के अनुरूप सिलेंडरों की आपूर्ति सुचारू रूप से की जा रही है। उन्होंने आम नागरिकों से विशेष अपील की है कि वे गैस एजेंसियों या वितरण केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं और न ही किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों अथवा अफवाहों पर ध्यान दें। जिला प्रशासन उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु पूरी तरह सजग है और आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध उपलब्धता की निरंतर निगरानी की जा रही है।
गैस वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी, व्यवस्थित और न्यायसंगत बनाने के उद्देश्य से भारत सरकार द्वारा लागू की गई नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि, अब कोई भी घरेलू उपभोक्ता अपने पिछले गैस सिलेंडर की डिलीवरी प्राप्त होने के कम से कम 25 दिनों के अंतराल के बाद ही अगले सिलेंडर की बुकिंग करने के लिए पात्र होगा। इस अनिवार्य समयावधि का निर्धारण मुख्य रूप से गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए किया गया है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक ईंधन की पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
वहीं, गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और भीड़ के कारण उत्पन्न होने वाली अव्यवस्था को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने ‘धावा दल’ का गठन किया है। इस दल में विभिन्न पदाधिकारियों को प्रखंडवार प्रतिनियुक्त कर उन्हें छापेमारी और औचक निरीक्षण के लिए अधिकृत किया गया है। ये टीमें निरंतर निगरानी रखेंगी ताकि कोई भी वितरक कृत्रिम अभाव पैदा न कर सके। यदि कोई भी एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955’ के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य हर नागरिक को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से रसोई गैस उपलब्ध कराना है।
जिला पदाधिकारी ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी को कड़े निर्देश दिए हैं कि वे गैस एजेंसियों की कार्यप्रणाली और वितरण नेटवर्क की स्वयं भी सघन निगरानी करें। यदि कोई वितरक कृत्रिम अभाव पैदा करने या कालाबाजारी में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करें। अंत में, जिलाधिकारी ने पुनः दोहराया कि प्रशासन का मुख्य ध्येय प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से रसोई गैस उपलब्ध कराना है, इसमें जनसहयोग और धैर्य की महती आवश्यकता है।
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