विजय कुमार/जमुई। कुदरत के कहर ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। चकाई प्रखंड क्षेत्र में अजय नदी के समीप हुए वज्रपात (आकाशीय बिजली) की चपेट में आने से एक छात्रा की दर्दनाक मौत हो गई। मृतका की पहचान चकाई के जलखारिया गांव निवासी रंजीत कुमार की पुत्री रागिनी कुमारी के रूप में हुई है।

​परीक्षा देकर घर लौट रही थी रागिनी

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, रागिनी कुमारी मैट्रिक की छात्रा थी और वह अपने उज्जवल भविष्य के सपने संजोए स्कूल में आयोजित मैट्रिक की टेस्ट परीक्षा देने गई थी। शनिवार को परीक्षा समाप्त होने के बाद वह अपने घर वापस लौट रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों ने बताया कि जैसे ही वह अजय नदी के समीप पहुंची, अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। हल्की रिमझिम बारिश शुरू हुई और इसी बीच अचानक आसमान से तेज गर्जना के साथ बिजली गिरी।

​मौके पर ही तोड़ा दम

​वज्रपात इतना जोरदार था कि रागिनी को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने जब छात्रा को अचेत अवस्था में देखा, तो तुरंत इसकी सूचना परिजनों और स्थानीय पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कागजी प्रक्रिया पूरी की और शनिवार सुबह करीब 9:00 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेजा।

​पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा गया शव

​सदर अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया को पूरा किया। इसके बाद रागिनी के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के हवाले कर दिया गया। अस्पताल परिसर में मौजूद परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम थीं। हर कोई इस अचानक हुई अनहोनी से स्तब्ध था। पुलिस ने इस मामले में अस्वाभाविक मौत (यूडी केस) दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

​परिवार में पसरा मातमी सन्नाटा

​रागिनी की मौत की खबर जैसे ही उसके गांव जलखारिया पहुंची, वहां कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि रागिनी एक होनहार छात्रा थी और अपनी पढ़ाई को लेकर काफी गंभीर थी। उसकी मृत्यु से न केवल परिवार ने अपनी बेटी खोई है, बल्कि गांव ने भी एक प्रतिभावान बच्ची को खो दिया है। पूरे क्षेत्र में इस घटना के बाद से शोक की लहर है।