मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच के परिणामस्वरूप प्रदेश भर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” (jan jan ki sarkar, jan jan ke dwar) कार्यक्रम ने जनसेवा, पारदर्शिता और त्वरित समाधान का एक प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है.
प्रदेश के सभी 13 जनपदों में आयोजित 562 जनसेवा शिविरों के माध्यम से अब तक 4,42,301 नागरिकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की गई है. इन शिविरों में आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनते हुए त्वरित समाधान किया गया, जिससे शासन-प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और ज्यादा सुदृढ़ हुआ है. अभियान के अंतर्गत अब तक कुल 43,507 शिकायतें और आवेदन पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 29,363 शिकायतों का मौके पर या समयबद्ध रूप से निस्तारण किया गया.
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इसके साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा 82,234 प्रमाण-पत्रों (जैसे आय, जाति, निवास आदि) के लिए आवेदन प्राप्त किए गए, जिन पर तेजी से कार्रवाई की गई. वहीं, सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से 2,45,073 से ज्यादा व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित किया गया, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचना सुनिश्चित हुआ. आज प्रदेश में 7 शिविरों का आयोजन किया गया, जिनमें 5,910 नागरिकों ने सहभागिता की. यह आंकड़े इस बात का प्रमाण हैं कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार निरंतर सक्रियता के साथ जनसेवा में लगी हुई है.
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