प्रशांत सिंह, जांजगीर-चांपा। जिले में एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने सरकारी कर्मचारियों की ईमानदारी और अदालत में काम करने वाले स्टाफ की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के मुताबिक, महिला अधिवक्ता प्रियंका की शिकायत के बाद यह मामला प्रकाश में आया, जिसमें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी चांपा में कार्यरत कोर्ट मोहर्रिर पर 3 हजार रुपये रिश्वत मांगने, फोन-पे के जरिए 1000 रुपये लेने और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है।

अधिवक्ता की शिकायत पर की गई कार्रवाई
महिला अधिवक्ता प्रियंका ने अपनी शिकायत पत्र में बताया कि आरक्षक रंजीत कुमार अनंत ने अवैध रूप से उनसे पैसे की मांग की और जब उन्होंने इसके लिए मना किया तो आरक्षक ने उनसे अभद्र व्यवहार भी किया। पीड़िता ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा कि आरक्षक ने न्यायिक प्रक्रिया और नियमों का उल्लंघन करते हुए पद का दुरुपयोग किया।

SP ने किया निलंबन
महिला अधिवक्ता की शिकायत की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा विजय कुमार पाण्डेय ने तत्काल आदेश जारी कर आरक्षक रंजीत कुमार अनंत को निलंबित कर दिया। उन्हें रक्षित केन्द्र जांजगीर-चांपा में स्थानांतरित किया गया है।
देखें आदेश

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H


