कुंदन कुमार, पटना. लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के बाद से बिहार में सियासी पारा हाई. वक्फ बिल का जदयू ने समर्थन किया है, जिसे लेकर पार्टी दो गुटों में बटी हुई नजर आ रही है. जदयू के वरिष्ठ नेता और विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी रहे मोहम्मद कासिम ने अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है. जेडीयू एमएलसी गुलाम गौस और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव गुलाम रसूल बलियावी ने नाराजगी भी जताई है.
नीतीश से टूट गया यकीन- मोहम्मद कासिम
बता दें कि मोहम्मद कासिम जिला (पूर्वी चंपारण) के प्रवक्ता भी थे. उन्होंने त्यागपत्र की जानकारी पत्र के जरिए जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और जिलाध्यक्ष मंजू देवी को भी दे दी है. नीतीश कुमार को लिखे गए पत्र में कासिम ने कहा है कि, हम जैसे लाखों-करोड़ों भारतीय मुसलमानों का अटूट विश्वास था कि आप विशुद्ध रूप से सेक्युलर विचारधारा के ध्वजवाहक हैं, लेकिन अब यह यकीन टूट गया है.
ललन सिंह के तेवर से मर्माहत- मोहम्मद कासिम
कासिम ने आगे लिखा कि, ललन सिंह ने जिस तेवर और अंदाज से अपना वक्तव्य दिया और इस बिल का समर्थन किया उससे काफी मर्माहत हैं. वक्फ बिल हम भारतीय मुसलमानों के विरूद्ध है. हम किसी भी सूरत में इसे स्वीकार नहीं कर सकते. यह बिल संविधान के कई मौलिक अधिकारों का हनन करता है.
इस बिल के माध्यम से भारतीय मुसलमानों को जलील व रुसवा किया जा रहा है. साथ ही साथ यह बिल पसमांदा विरोधी भी है, जिसका एहसास न आपको है और न आपकी पार्टी को है. मुझे अफसोस हो रहा है कि अपनी जिंदगी का कई वर्ष पार्टी को दिया. अतः मैं पार्टी के प्राथमिक सदस्य एवं अन्य जिम्मेदारियों से स्वेच्छा से त्यागपत्र दे रहा हूं.
कई मुस्लिम नेता छोड़ सकते हैं पार्टी
जदयू द्वारा वक्फ बिल का समर्थन करने पर पार्टी के कई मुस्लिम नेता नाराज चल रहे हैं. मोहम्मद कासिम का इस्तीफा तो अभी शुरुआत है, जिस तरह जेडीयू में मुस्लिम नेता नाराज हैं ऐसे में आने वाले समय में कई बड़े चेहरे पार्टी छोड़ सकते हैं. गुलाम रसूल बलियावी भी जेडीयू छोड़ सकते हैं. जेडीयू के मुस्लिम नेताओं पर मुस्लिम संगठनों का प्रेशर बढ़ने लगा है. मुस्लिम संगठनों और समाज से प्रेशर बनाया जा रहा है.