गोपालगंज। शहर के पुलिस अधीक्षक (SP) विनय तिवारी ने सोमवार की सुबह भारी पुलिस बल के साथ कुचायकोट विधायक पप्पू पांडेय के पैतृक गांव तुलसिया में छापेमारी की। पुलिस की यह कार्रवाई विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी होने के बाद की गई है। एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमों का गठन किया है, हालांकि कार्रवाई की भनक लगते ही विधायक और उनके परिजन फरार हो गए।

​क्या है पूरा विवाद

​यह मामला मुख्य रूप से फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़ा है। 1 अप्रैल को मीरगंज निवासी जितेंद्र कुमार राय ने कुचायकोट थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि बेलवा गांव में स्थित किरण सिन्हा की 16 एकड़ 93 डिसमिल जमीन पर विधायक के गुर्गों ने पांच कमरों का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया। इस दौरान जान से मारने की नीयत से फायरिंग भी की गई। पुलिस ने मौके से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पूछताछ में इस पूरी साजिश के पीछे पप्पू पांडेय और उनके भाई सतीश पांडेय का नाम सामने आया।

​बाहुबली की ‘विशाल’ संपत्ति का ब्यौरा

​पप्पू पांडेय की गिनती बिहार के सबसे अमीर विधायकों में होती है। चुनावी हलफनामों के अनुसार:

  • ​कुल संपत्ति: लगभग 5.69 करोड़ रुपये।
  • ​वाहन: विधायक के पास 3 फॉर्च्यूनर और 3 स्कॉर्पियो समेत 6 गाड़ियां हैं। उनकी पत्नी रंजू पांडेय के नाम पर भी 3 फॉर्च्यूनर रजिस्टर्ड हैं।
  • ​रियल एस्टेट: गोपालगंज में 23 अलग-अलग स्थानों पर जमीनें हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है।
  • ​कारोबार: वे ‘हथुआ कंस्ट्रक्शन’ के साझेदार हैं और एक पेट्रोल पंप के भी मालिक हैं।

​अपराध का लंबा इतिहास

​पप्पू पांडेय को ‘बाहुबली’ उनके विवादित इतिहास के कारण कहा जाता है। उन पर ट्रिपल मर्डर, रंगदारी, लूट और फायरिंग जैसे करीब 14 गंभीर मामले दर्ज हैं। हालांकि, अब तक किसी भी मामले में उन्हें सजा नहीं हुई है। उनके बड़े भाई सतीश पांडेय का नाम भी 90 के दशक के कुख्यात अपराधों से जुड़ा रहा है। वर्तमान में जमीन कब्जे के इस नए मामले ने विधायक की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें काफी बढ़ा दी हैं।