कुंदन कुमार, पटना। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव अपराध और कानून व्यवस्था को लेकर लगातार बिहार की सरकार पर सवाल उठाते रहते हैं। बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर तेजस्वी यादव ने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर सवाल उठाया था। नेता प्रतिपक्ष के इस बयान पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार करते हुए कहा है कि, राजनीति में वह लॉन्च किए गए थे, लेकिन जल्दी वह बिहार के राजनीति से बाहर चले गए।
नीतीश राज में नौकरी के बदले जमीन नहीं ली गई- नीरज कुमार
वहीं, चुनाव प्रचार के दौरान केरलम में दिए गए तेजस्वी यादव के बयान पर पलटवार करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि, उन्हें यह बताना चाहिए था कि उनके माता-पिता के शासनकाल में 33,000 के आसपास शिक्षक की नियुक्ति हुई थी। लालू यादव और राबड़ी देवी के शासनकाल में उनके परिवार के 23 लोगों को बिहार विधानसभा और विधान परिषद में नौकरी दी गई थी, जो अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। वहीं नीतीश कुमार ने अपने शासनकाल में बिहार में 5 लाख से अधिक शिक्षकों की नियुक्तियां की है। उन्होंने कहा कि, नीतीश कुमार के शासनकाल में जिन लोगों को नौकरी दी गई, उसमें से किसी की जमीन नहीं लिखवाई गई। किसी को एक पैसा नहीं देना पड़ा। सिपाही की नियुक्ति में एक पैसा नहीं देना पड़ा।
तेजस्वी को दी डिबेट की चुनौती
नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव को चुनौती देते हुए कहा कि, उन्हें जहां और जब इच्छा हो वह राजनीतिक डिबेट के लिए तैयार हैं। नीतीश कुमार के शासनकाल में जो-जो काम हुए हैं, उस पर वह राजनीतिक बहस के लिए तैयार हैं। बिहार में अपराध की बढ़ती घटनाओं पर तेजस्वी यादव के सवाल का जवाब देते हुए नीरज कुमार ने कहा कि, बिहार में कोई भी अपराधी पर कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के होता है। यही कारण है कि बिहार में बेटियां बिना किसी डर के स्कूल जाती हैं। बाहर के पर्यटक बिहार घूमने के लिए आते हैं। बिहार में कानून का राज है। यही कारण है कि अपराधी आज जेल के अंदर बैठे हुए हैं।
चंदा लेने वाले शराबबंदी पर उठा रहे सवाल- जदयू
वहीं, बिहार में जहरीली शराब से हो रही मौत पर नीरज कुमार ने कहा कि, पहले भी जहरीली शराब से लोगों की मौत हो रही थी और सरकार लगातार इस पर कार्रवाई भी करती रही है। तेजस्वी यादव पर तंज करते हुए नीरज कुमार ने कहा कि, जब बिहार में शराबबंदी नहीं थी और राबड़ी देवी बिहार की मुख्यमंत्री थी। उस समय पूरे देश में जहरीली शराब से मरने वालों में बिहार 8वें नंबर पर था। आज शराबबंदी के बाद पूरे देश में बिहार 13वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि, जहरीली शराब की घटना सामने आने के बाद जो इसके कारोबार में लगे हुए हैं, उस पर कार्रवाई हो रही है। लेकिन आज स्थितियां यह है कि शराब कंपनियों से चंदा लेने वाला आज शराबबंदी पर सवाल उठा रहे हैं।
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