पटना। ​बांका से सांसद गिरधारी यादव की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। जनता दल (यूनाइटेड) ने अपनी ही पार्टी के सांसद के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए लोकसभा स्पीकर से उनकी सदस्यता रद्द करने की गुजारिश की है। जेडीयू संसदीय दल के नेता दिलेश्वर कामत ने आधिकारिक तौर पर गिरधारी यादव को अयोग्य ठहराने की मांग की है।

​पार्टी विरोधी गतिविधियों और परिवारवाद का आरोप

​दिलेश्वर कामत के अनुसार, गिरधारी यादव लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे हैं। मुख्य आरोप यह है कि विधानसभा चुनाव के दौरान सांसद ने अपने बेटे, चाणक्य प्रकाश रंजन को आरजेडी (RJD) के टिकट पर बेलहर सीट से चुनाव लड़वाया और उनके लिए सक्रिय प्रचार किया। जेडीयू का मानना है कि पार्टी लाइन से हटकर विपक्षी दल की मदद करना अनुशासनहीनता है।

​SIR और चुनाव आयोग पर विवादित टिप्पणी

​सांसद की सदस्यता पर खतरे की एक बड़ी वजह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर दिया गया उनका बयान है। गिरधारी यादव ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि लोकसभा चुनाव की वोटर लिस्ट सही थी, तो विधानसभा चुनाव के समय इसमें बदलाव की क्या जरूरत? उन्होंने तंज कसते हुए पूछा था, क्या मैं गलत वोटर लिस्ट के आधार पर सांसद बना हूं? पार्टी ने स्पष्ट किया कि जेडीयू हमेशा चुनाव आयोग का सम्मान करती है, लेकिन गिरधारी यादव के बयानों ने पार्टी को शर्मिंदा किया है।

​कारण बताओ नोटिस और बढ़ती दूरियां

​पिछले साल जेडीयू ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जिसका संतोषजनक जवाब न मिलने पर अब कड़ी कार्रवाई की तैयारी है। इसके अलावा, बांका में आयोजित समृद्धि यात्रा जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों से भी सांसद नदारद रहे, जिससे यह साफ हो गया कि उनके और नीतीश कुमार की पार्टी के बीच की दूरियां अब खत्म होने वाली नहीं हैं।