Bihar News: सुप्रीम कोर्ट द्वारा ममता बनर्जी और उनके अधिकारियों को नोटिस जारी करने पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया सामने आई है। गया में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उन्होंने कहा है कि, ममता बनर्जी और एक-दो अन्य राज्य देश के संघात्मक ढांचे को तोड़ना चाहते हैं। हमारी प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना सभी राज्य लागू कर रहे हैं, लेकिन बंगाल और केरल लागू नहीं कर रहे…ED एक संवैधानिक संस्था है, जो जांच कर रही है।

मांझी ने कहा कि, जांच में ममता बनर्जी ने दखल दी और सुनने में आ रहा है कि फाइल चुरा कर ले गई। सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करके सही किया है। फाइल रिकवर की जाए और उनके कारनामे को भारत के सामने पेश किया जाए।

जानें क्या है पूरा मामला?

आपको बता दें कि ED छापेमारी के दौरान ममता बनर्जी की दखलंदाजी के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने इसे एक गंभीर मामला बताते हुए राज्य सरकार, मुख्यमंत्री और पुलिस के आला अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। साथ ही, ED के अधिकारियों पर पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर पर भी रोक लगा दी है। कोर्ट ने सभी पक्षों से 2 सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। अब 3 फरवरी को मामले की अगली सुनवाई होगी।

ED छापेमारी में CM ममता ने की थी दखल

दरअसल बीते 8 जनवरी को सीएम ममता के करीबी प्रतीक जैन के घर और उनकी संस्था IPAC के दफ्तर पर ED अधिकारियों ने छापेमारी की थी। कोयला घोटाला से जुड़े मामले में जिस समय जांच एजेंसी छापेमारी कर रही थी। उसी दौरान सीएम ममता बनर्जी प्रतीक जैन के घर पहुंचती हैं और वहां से कुछ दस्तावेज उठाकर अपने साथ लेकर चली जाती हैं। इस दौरान उनके साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद था। इस मामले में दोनों ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी।

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