पटना। राजधानी सहित बिहार के 30 सरकारी बस डिपो में यात्रियों को अब मात्र 30 रुपए में दो पीस आलू या सत्तू पराठा उपलब्ध कराया जाएगा। परिवहन विभाग ने मार्च तक सभी डिपो पर ‘जीविका दीदी की रसोई’ के तहत कैंटीन शुरू करने का लक्ष्य तय किया है। इससे रोजाना लगभग 3 लाख यात्रियों, चालकों और कर्मियों को सस्ता व पौष्टिक भोजन मिल सकेगा। जिला-वार स्थानीय स्वाद और व्यंजन भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

पहले चरण में 19 डिपो में शुरुआत

पहले फेज में बांकीपुर, फुलवारीशरीफ, आरा, बिहारशरीफ, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, मोतिहारी, छपरा, सीवान, दरभंगा, गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, नवादा, भागलपुर, जमुई, मुंगेर, पूर्णिया और सहरसा बस डिपो में कैंटीन शुरू की जाएगी। बाद में योजना को अन्य डिपो तक बढ़ाया जाएगा। हाल ही में निरीक्षण के दौरान परिवहन सह ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने खराब भोजन व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।

मेनू और रोजगार के अवसर

कैंटीन में दाल-चावल, रोटी-सब्जी, विशेष व्यंजन, लिट्टी-चोखा, राजमा-चावल, छोले-चावल, वेज पुलाव, पोहा/उपमा, चाय जैसे विकल्प मिलेंगे। इस पहल से 200 से अधिक जीविका दीदियों को रोजगार मिलेगा। भीड़भाड़ वाले डिपो पर 10 तक कर्मी काम करेंगे। खाना बनाने से लेकर परोसने तक का कार्य जीविका समूह की महिलाएं संभालेंगी। विभाग का मानना है कि इससे डिपो की छवि सुधरेगी और यात्रियों को वास्तविक राहत मिलेगी।