जोधपुर: दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत जोधपुर-पाली मारवाड़ इंडस्ट्रियल एरिया (जेपीएमआइए) के रूप में ‘नया शहर’ बसाने की तैयारी जोरों पर है। यह शहर रोहट और कांकाणी के बीच विकसित होगा। पहले चरण में 641 हेक्टेयर क्षेत्र में 465 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य शुरू होगा। यह परियोजना राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम लिमिटेड (एनआइसीडीसी) का हिस्सा है और देशभर में नौ ऐसी औद्योगिक परियोजनाओं में शामिल हैं।

टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में
‘नया शहर’ के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और तकनीकी मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। इस इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंसट्रक्शन (ईपीसी) मॉडल आधारित परियोजना में नौ कंपनियों ने हिस्सा लिया है। टेंडर की तकनीकी जांच के बाद योग्य कंपनी का चयन कर वित्तीय बोली खोली जाएगी। परियोजना को गति देने के लिए रीको और एनआइसीडी के बीच पहली बार समझौता हुआ है, जो इस महत्वाकांक्षी परियोजना को और मजबूती देगा।
औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
जोधपुर और पाली के बीच बनने वाला यह नया शहर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को नई दिशा देगा। पहले चरण में 465 करोड़ रुपये के निवेश से बुनियादी ढांचे का विकास होगा, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। यह परियोजना दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का हिस्सा होने के कारण राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों में इस परियोजना को लेकर उत्साह है, क्योंकि यह क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित हो सकता हैं।
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