अभी IPL शुरू भी नहीं हुआ है, उधर कर्नाटक में इसके टिकटों को लेकर विवाद शुरू हो चुका है। कर्नाटक के सभी पार्टियों के विधायकों ने कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ से आईपीएल के मैचों के लिए खास तौर पर उन्हें टिकट देने की मांग की है। यह मुद्दा कहीं और नहीं बल्कि विधानसभा के मौजूदा सत्र के दौरान उठाया गया है। सदन की कार्यवाही के दौरान सत्ताधारी कांग्रेस और विपक्ष में बैठे BJP के विधायक इस बात पर अपनी चिंता व्यक्त करते देखे गए।

उन्होंने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों के साथ अपमानजनक व्यवहार किया जा रहा है। कई विधायकों का तो यहां तक कहना है कि हम VIP हैं, लाइन में खड़े नहीं हो सकते। विधायक ने कहा कि इसी महीने की 28 तारीख से आईपीएल शुरू हो रहा है लेकिन कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ विधायकों, मंत्रियों और उनके परिजनों को आईपीएल का टिकट नहीं दे रहा है।

कांग्रेस विधायक बोले- हर MLA को कम से कम पांच टिकट मिले

हुंगुंड के विधायक विजयानंद काशप्पनवर ने कहा कि इंडियन प्रीमियर लीग सरकार से सारी सुविधाएं ले रही हैं। उन्हें पुलिस सुरक्षा समेत सब कुछ मिल रहा है। वे सरकार से सारी सुविधाएं ले रहे हैं, लेकिन वे MLA का सम्मान नहीं कर रहे हैं। काशप्पनवर ने टिकटों की ऑनलाइन बिक्री में कालाबाज़ारी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता ने विधानसभा में यह मुद्दा उठाया। मैंने उसका समर्थन किया और हमने स्पीकर से अनुरोध किया कि वे ज़रूरी कार्रवाई करें और MLA के लिए कम से कम 5 टिकट जारी करवाएं।

“हम VIP हैं, लाइन में नहीं लग सकते”

कांग्रेस विधायक ने कहा कि “हम VIP हैं। हम लाइन में जाकर वहां खड़े नहीं हो सकते। पिछली बार हम गए थे। हम लाइन में खड़े थे। वे हमें आम जनता के साथ गैलरी में भेज रहे हैं। ऐसा नहीं चलेगा। कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ पर निशाना साधते हुए काशप्पनवर ने कहा, “वे किसी की नहीं सुनते। वे इतने बड़े बन गए हैं। वे पैसे इकट्ठा कर रहे हैं और मज़े कर रहे हैं।

बीजेपी नेता ने विधानसभा में उठाया मामला

इससे पहले कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और बीजेपी के आर अशोक ने KSCA पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि हमने उन्हें 16.32 एकड़ ज़मीन सिर्फ़ 1,600 रुपये प्रति माह की मामूली कीमत पर दी है, लेकिन वे हमसे मैच के टिकटों के लिए हज़ारों रुपये वसूलते हैं। उनके पास करोड़ों रुपये हैं और वे हमें लूटते हैं और सरकार ऐसे लोगों के लिए एक और स्टेडियम बनाना चाहती है। उन्हें सबक सिखाने की ज़रूरत है।

विधायकों को जवाब देते हुए विधानसभा स्पीकर यू.टी. खादर ने संस्थागत हस्तक्षेप का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर KSCA के साथ चर्चा करनी चाहिए, जिसे विधायक उठा रहे हैं। वे कभी-कभी विधायकों को सिर्फ़ एक टिकट देते हैं। विधायक और उनके परिवार को कम से कम चार टिकट देने चाहिए।

डिप्टी सीएम ने दिया भरोसा

इसके बाद उप-मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने सदन को आश्वासन दिया कि इस मामले को KSCA अधिकारियों के साथ उठाया जाएगा। शिवकुमार ने कहा कि मैं सरकार की तरफ से KSCA अध्यक्ष से बात करके इस मामले को सुलझाऊंगा। मैं भी वहां का सदस्य हूँ। विधायकों को मांगने का पूरा अधिकार है। उन्हें इसका लाभ मिलना ही चाहिए।

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