दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने लाल किले (Red Fort) के पास से एक ऐसे शख्स को गिरफ्तार किया है, जो खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताकर लोगों से नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी कर रहा था। आरोपी मूल रूप से कश्मीर का रहने वाला बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार आरोपी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था और उनसे मोटी रकम ऐंठता था। विश्वास दिलाने के लिए वह खुद को NIA में तैनात अधिकारी बताता था और अपने पास मौजूद फर्जी पहचान पत्र दिखाता था।

जांच में सामने आया कि आरोपी के पास से NIA का नकली आईडी कार्ड बरामद हुआ है, जिसके जरिए वह लोगों को भरोसा दिलाता था कि वह एक बड़ी केंद्रीय एजेंसी से जुड़ा है। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इस तरह की ठगी को अंजाम दे रहा था और कई लोगों को निशाना बना चुका है। फिलहाल दिल्ली पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल हैं तथा कितने लोगों से ठगी की गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे मांगने वाले किसी भी व्यक्ति से सावधान रहें और ऐसी संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें।

पुलिस को कार में बैठे मिले 2 लोग

दिल्ली पुलिस की कोतवाली थाना पुलिस ने गश्त के दौरान लाल किले के पीछे एक संदिग्ध कार से फर्जी NIA अफसर को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई 18 फरवरी 2026 को की गई। पुलिस के अनुसार गश्त के दौरान दिल्ली चलो पार्क के पास एक काली हुंडई सैंट्रो कार (नंबर JK01L9913) संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी। शक होने पर पुलिस टीम ने वाहन की जांच की, जिसमें दो लोग बैठे मिले।

पुलिस को ही दिखा दिया फर्जी कार्ड

लाल किले के पीछे संदिग्ध कार से पकड़े गए दो लोगों में से एक की पहचान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा निवासी मुदस्सर के रूप में की है, जबकि दूसरा एक नाबालिग लड़का बताया जा रहा है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान मुदस्सर ने खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से जुड़ा अधिकारी बताते हुए एक पहचान पत्र दिखाया, लेकिन वह कार्ड पहली नजर में ही संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले आई और गहन पूछताछ शुरू की।

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी जम्मू-कश्मीर का रहने वाला है और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे पैसे ऐंठता था। वह लोगों को यह भरोसा दिलाता था कि दिल्ली में उसकी ऊंचे स्तर तक पहुंच है और वह सरकारी या निजी क्षेत्र में नौकरी लगवा सकता है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी नाबालिग लड़के को 12 फरवरी को कश्मीर से अपने साथ लेकर निकला और 13 फरवरी की रात दिल्ली पहुंचा। दोनों जामा मस्जिद इलाके के एक गेस्ट हाउस में ठहरे थे। पूछताछ में आरोपी ने दावा किया कि उसने दिल्ली में कुछ लोगों से संपर्क किया है, लेकिन वह कोई ठोस सबूत या दस्तावेज पेश नहीं कर सका। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए स्पेशल सेल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और संबंधित केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त पूछताछ की गई।

जॉइंट इंटरोगेशन में सामने आया कि आरोपी फर्जी पहचान पत्र बनवाकर खुद को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का अधिकारी बताता था और आम लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगता था। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि NIA की ओर से ऐसा कोई पहचान पत्र जारी ही नहीं किया गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि उसने अब तक कितने लोगों को ठगा है तथा इस अपराध में कोई और व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

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