पटना। शहर के बापू सभागार में आयोजित एक विशेष सेमिनार में उस वक्त माहौल भावुक हो गया, जब बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2026 की थर्ड स्टेट टॉपर अनुपा कुमारी प्रसिद्ध शिक्षक खान सर से मिलते हुए मंच पर रो पड़ीं। बक्सर की इस बेटी के संघर्ष और प्रतिभा को देखते हुए खान सर ने न केवल उन्हें ढांढस बंधाया, बल्कि उनकी आगे की पूरी पढ़ाई का खर्च उठाने का भी ऐलान किया।
मंच पर भावुक हुई बक्सर की शेरनी
सेमिनार के दौरान जब खान सर ने अनुपा को मंच पर आमंत्रित किया, तो अपनी सफलता और भविष्य की चुनौतियों को याद कर अनुपा के आंसू छलक आए। खान सर ने उन्हें सांत्वना देते हुए कहा, तुम्हें रोना नहीं है। मेरे रहते पैसे की कमी से किसी भी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी। जब अनुपा से उनके लक्ष्य के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ इंजीनियर बनने और जेईई (JEE) परीक्षा पास करने का अपना सपना साझा किया।
टॉपर्स के लिए मुफ्त शिक्षा की घोषणा
इस अवसर पर खान सर ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि सेमिनार में मौजूद सभी बोर्ड टॉपर्स से कोई फीस नहीं ली जाएगी। उन्होंने छात्रों से बस एक ही गुरुदक्षिणा मांगी ईमानदारी से पढ़ाई और माता-पिता का नाम रोशन करने का संकल्प। खान सर ने स्पष्ट किया कि अब अनुपा की शिक्षा की जिम्मेदारी उनकी है, ताकि वह बिना किसी आर्थिक बोझ के देश की प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग परीक्षा की तैयारी कर सकें।
साइकिल से तय किया सफलता का सफर
बक्सर जिले के ककरिया गांव की रहने वाली अनुपा ने 500 में से 489 अंक प्राप्त कर राज्य में तीसरा और जिले में पहला स्थान हासिल किया है। उनके पिता नित्यानंद यादव गुजरात के मोरबी में एक टाइल्स फैक्ट्री में मजदूर हैं, जबकि मां निर्मला देवी गृहिणी हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद अनुपा रोजाना 3 किलोमीटर साइकिल चलाकर खरहना उच्च विद्यालय जाती थीं। उनकी यह सफलता साबित करती है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो तंगहाली भी रास्ता नहीं रोक सकती।
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