वीरेंद्र कुमार/नालंदा। जिले के किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में किसान रजिस्ट्री का बड़ा अभियान शुरू किया जा रहा है। इस विशेष रजिस्ट्री शिविर का आयोजन 06 जनवरी से 09 जनवरी 2026 तक किया जाएगा। अभियान के तहत जिले की सभी 231 पंचायतों में एक साथ शिविर लगाए जाएंगे।
डिजिटल डेटा बेस से योजनाओं का लाभ
किसान रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों की पहचान, भूमि विवरण और अन्य आवश्यक जानकारी को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज किया जाएगा। इससे भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि अनुदान तथा विभिन्न केंद्र एवं राज्य योजनाओं का लाभ सीधे किसानों के खाते तक पहुंच सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करेगी।
अभियान और प्रशासनिक तैयारी पूरी
शिविर को सफल बनाने के लिए सभी प्रखंडों में विशेष तैयारी की गई है। किसानों को जागरूक करने के लिए प्रचार-प्रसार रथ पंचायतों और गांवों में घूमकर शिविर की तिथि, स्थान और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी दे रहे हैं। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों के दौरान अपने पंचायत शिविर में आधार कार्ड, भूमि संबंधी कागजात और आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना पंजीकरण अवश्य कराएं।
भविष्य की कृषि नीतियों को मिलेगी दिशा
अधिकारियों के अनुसार किसान रजिस्ट्री से न केवल योजनाओं के लाभ वितरण में गति आएगी, बल्कि इससे प्राप्त डेटा भविष्य की कृषि नीतियों और योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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