किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले में अवैध खनन माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ताजा मामले में, जिला पुलिस ने दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में सघन छापेमारी करते हुए अवैध मिट्टी लदे 8 ट्रैक्टरों को जब्त किया है। इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है। अधिकारियों के अनुसार, बिना किसी वैध परमिट के किए जा रहे इस परिवहन से सरकार को प्रतिवर्ष लाखों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
कुर्लीकोर्ट पुलिस की छापेमारी
अवैध खनन के खिलाफ पहली बड़ी कार्रवाई कुर्लीकोर्ट थाना क्षेत्र में हुई। प्रभारी थानाध्यक्ष बैजू कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों से मिट्टी का अवैध उत्खनन कर उसे ऊंचे दामों पर बेचा जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 3 ट्रैक्टरों को मौके पर ही धर दबोचा। जब्त किए गए वाहनों को थाने लाया गया है और इसकी आधिकारिक रिपोर्ट जिला खनन विभाग को भेज दी गई है।
पौआखाली थाना क्षेत्र में 5 ट्रैक्टर धरे गए
इसी क्रम में दूसरी कार्रवाई पौआखाली थाना पुलिस द्वारा की गई। पुलिस टीम ने क्षेत्र के सरायकुडी इलाके से 3 और पेटभरी से 2 मिट्टी लदे ट्रैक्टरों को पकड़ा। जब चालकों से मिट्टी परिवहन से संबंधित कागजात मांगे गए, तो वे कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके। नतीजतन, पुलिस ने सभी 5 ट्रैक्टरों को अपने कब्जे में लेकर थाना परिसर में खड़ा कर दिया है।
राजस्व की क्षति और आगामी कार्रवाई
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बालू और मिट्टी के इस अवैध धंधे से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ी चपत लग रही है। पुलिस और खनन विभाग के वरीय अधिकारियों को मामले की पूरी जानकारी दे दी गई है। जब्त किए गए सभी वाहनों पर खनन अधिनियम के तहत भारी जुर्माना (चालान) लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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