किशनगंज। बिहार के किशनगंज जिले में न्याय प्रणाली की मजबूती का एक बड़ा उदाहरण सामने आया है। जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-01 की अदालत ने एक पुराने हत्याकांड के मुख्य आरोपी मोहन लाल सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला जिले के बहादुरगंज थाने से जुड़ा है, जहा पुलिस और अभियोजन पक्ष की मुस्तैदी से अपराधी को उसके अंजाम तक पहुंचाया गया।
50 हजार का जुर्माना और अतिरिक्त सजा का प्रावधान
अदालत ने केवल कारावास ही नहीं, बल्कि दोषी पर 50,000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। न्यायाधीश ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा करने में विफल रहता है, तो उसे प्रत्येक 10,000 रुपये के बदले एक माह की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा काटनी होगी।
पुलिस की जांच और पुख्ता चार्जशीट
यह मामला 21 नवंबर 2022 को बहादुरगंज थाने में दर्ज किया गया था। आरोपी मोहन लाल सिंह (पिता: अर्जुन लाल सिंह), जो बनवारी भट्टाबारी का निवासी है, पर हत्या का संगीन आरोप था। किशनगंज पुलिस ने मामले की गहराई से तफ्तीश की और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अदालत में मजबूत चार्जशीट दाखिल की। अपर लोक अभियोजक सुरेन प्रसाद साह ने अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी दलीलें पेश कीं, जिससे आरोपी का दोष सिद्ध करना संभव हो पाया।
समाज में कड़ा संदेश
इस फैसले को किशनगंज पुलिस और न्यायपालिका की एक बड़ी जीत माना जा रहा है। त्वरित न्याय मिलने से न केवल पीड़ित परिवार को संबल मिला है, बल्कि यह अपराधियों के लिए भी एक चेतावनी है। ऐसे फैसलों से समाज में कानून के प्रति विश्वास बढ़ता है और अपराध दर पर लगाम लगाने में मदद मिलती है।
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