Korba-Raigarh News Update : कोरबा. शहर से करीब 26 किलोमीटर दूर कनकेश्वर धाम कनकी में एक व्यक्ति के घर 5 फीट लंबा नाग निकलने से हड़कंप मच गया. रात करीब 10 बजे घर वाले सोने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच कुछ रेंगने का एहसास हुआ. परिवार के सदस्यों ने देखा तो उनके होश उड़ गए. घर के भीतर दो कुर्सी के बीच नाग फन काढ़कर बैठा था. परिवार के सदस्य भागकर बाहर निकले और उन्होंने आसपास के लोगों को जानकारी दी.
बसंत रजवाड़े ने घटना की सूचना वाइल्डलाइफ रेस्क्यु टीम (नोवा नेचर) के जितेंद्र सारथी को दिया. वे अपने साथ सिद्धांत जैन के साथ थोड़ी देर बाद मौके पर पहुंचे और उन्होंने दो कुर्सी के बीच बैठे 5 फीट लंबे नाग को रेस्क्यूकर पकड़ लिया. उसे सुरक्षित प्राकृतिक रहवास जंगल में छोड़ा गया.

रायगढ़/छाल. थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुड़ेकेला निवासी एक युवक के मकान व दुकान से कुछ अज्ञात शातिर चोरों ने 2.5 लाख रूपए नगद और लाखों रूपए के आभूषण चोरी कर लिए. शातिर चोर मध्य रात्रि में पहुंचे थे, हैरानी की बात यह है कि इस दौरान घर के सदस्य जाग रहे और टीवी में देख रहे थे. मगर इस चोरी की किसी को भी भनक नहीं लगी. बाद में इसकी जानकारी होने पर पीड़ितों ने पुलिस को सूचित किया और थाने पहुंच कर रिपोर्ट दर्ज कराई.
शिकायत में बताया कि बस स्टैंड के पास मुख्य मार्ग पर रामकृपाल साव के घर में शुक्रवार रात को घर के सभी सदस्य एक कमरे में बैठकर टीवी देख रहे थे. इसी बीच घर से विनीत साव किसी काम से बाहर निकला और लौटने में देर रात होने की वजह से उसने के घर के मुख्य दरवाजे में ताला लगा दिया. इसी बीच मध्य रात्रि करीब 12.30 बजे एक सफेद रंग की कार में करीब 5 युवक मकान के समीप पहुंच और चोरों ने पहले घर का ताला तोड़ा, फिर बगल के घर का दरवाजा कुंडी से बंद कर दिया और भीतर दाखिल हुए. घर के सामने वाले कमरे में विनीत साव का मोबाइल दुकान है, जहां वह रात में सोता भी है. विनीत के अनुसार, उसी कमरे के काउंटर से चोरों ने करीब 2.5 लाख रुपये नगद और 12 लाख रुपये से अधिक के सोने चांदी के आभूषणों की चोरी की और फरार हो गए. परिजनों का कहना है कि टीवी चालू था और वे जाग रहे थे, इसके बावजूद चोर घर के अंदर दाखिल हुए और बाहर से ही चोरी कर निकल गए. किंतु किसी को इस चोरी की भनक तक नहीं लगी. वारदात की जानकारी मिलते ही परिजनों ने डायल 112 पर संपर्क किया, लेकिन छाल थाना क्षेत्र का 112 वाहन ब्रेकडाउन होने के कारण कोई सहायता नहीं मिल सकी. बाद में थाना को सूचना दी गई. शनिवार सुबह से छाल पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
विधायक प्रतिनिधि पर पुलिस चौकी में मारपीट का आरोप
कोरबा. रामपुर विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि पर पुलिस चौकी में दबंगई का सनसनी खेज आरोप लगा है. आरोप है कि उन्होंने शिकायत दर्ज कराने आवेदन लिख रहे आरक्षक से पुलिस चौकी के भीतर ही न सिर्फ गाली गलौच की, बल्कि धक्का मुक्की भी शुरू कर दिया. मामले में पुलिस उभयपक्ष के खिलाफ जुर्म दर्ज कर विवेचना में जुट गई है. बताया जा रहा है कि रजगामार पुलिस चौकी अन्तर्गत ओमपुर के आवास क्रमांक एम 745 में रहने वाला विकास कोशले जिला पुलिस में आरक्षक के पद पर कार्यरत है. वह करतला थाना से डाक लेकर एसपी कार्यालय आया हुआ था. जहां से लौटकर घर चला गया. रात करीब 10 बजे उसके ममेरा भाई राजेन्द्र जांगडे P भागते हुए पहुंचा. उसने रामपुर विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि जयकिशन पटेल द्वारा जातिगत गाली गलौच करते हुए मारपीट करने की जानकारी दी. आरक्षक ममेरे भाई को लेकर पुलिस चौकी आ गया. वह शिकायत दर्ज कराने आवेदन तैयार कर रहा था, इसी दौरान जयकिशन पुलिस चौकी जा धमका. उसने चौकी के भीतर ही गाली गलौच देते हुए मारपीट शुरू कर दी. पुलिस कर्मियों ने किसी तरह समझाइश देकर शांत कराया. इधर विधायक प्रतिनिधि ने भी विकास कोसले और राजेन्द्र पर मारपीट का आरोप लगाया है. मामले में पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है.
तीस आश्रम छात्रावास में चलाई जाएंगी स्मार्ट क्लास
कोरबा. धरती आबा जनजाति ग्राम उत्कर्ष योजना अंतर्गत केंद्र सरकार ने जिले के उन गांव के आश्रम व छात्रावास में स्मार्ट क्लास चलाने की अनुमति दो दिन पूर्व दी है जहां जनजाति समाज की सर्वाधिक आबादी है. ऐसे आश्रम छात्रावास के बच्चों को तकनीकी शिक्षा से जोड़ने की दिशा पर यह काम नये वर्ष के शिक्षण सत्र में शुरु कर दिया जाएगा.
सुदूर ग्रामीण अंचल के आश्रम छात्रावासों को भी अब स्कूलों की तर्ज पर स्मार्ट क्लास से जोड़ा जा रहा है. अभी तक शिक्षा विभाग के चुनिंदा स्कूलों में ही स्मार्ट क्लास चला करती थी और वहां के शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाया करते थे. उसी तर्ज पर सुदूर आश्रम छात्रावासों में ही स्मार्ट क्लास चलाने की योजना बनाई गई थी. जिसकी अनुमति केंद्र सरकार के आदिम जाति कल्याण विभाग मंत्रालय की ओर से जिले को मिली है और इसके लिए तीस आश्रम छात्रावासों को चुना गया है जिनमें अधिकतम आश्रम है तो वहीं पोस्ट मैट्रिक छात्रावास भी शामिल हैं, जिनकी संख्या 15 है. इनके शुरु होने से ग्रामीण अंचल के उन छात्रों को तकनीकी शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल सकेगी जो अब तक ऐसे किसी भी आईटी शिक्षा से दूर थे। इसके लिए धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के तहत 497 गांव इस योजना के तहत चयनित किये गये हैं इन गांव में चलने वाले आश्रम छात्रावासों में तीस आश्रम छात्रावासों का चयन स्मार्ट क्लास चलाने के लिए किया गया है. दो दिन पूर्व विभाग को मिली इस अनुमति के बाद सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने इन आश्रम छात्रावासों में स्मार्ट क्लास शुरु करने के संबंध में विभागीय स्तर पर अपनी तैयारियां शुरु कर दी हैं.
ये हैं आश्रम छात्रावास जहां चलेंगी क्लास
प्रा. आश्रम कन्या तिलकेजा, मा. स्तर बालक आश्रम, गउपरोढ़ा, मा. स्तर कन्या आश्रम भैंसमा, मा. कन्या स्तर कुदमुरा, प्रा. स्तर बालक आश्रम मुरारी, प्रा. स्तर बालक आश्रम जेमरा, मा. स्तर कन्या आश्रम मड़ई, प्रा. स्तर कन्या आश्रम पाली, प्रा. स्तर कन्या आश्रम तुमान, प्रा. स्तर बालक आश्रम अरसिया, प्रा. स्तर बालक आश्रम सरमोखा, मा. स्तर बालक आश्रम चोदा, प्रा. स्तर बालक आश्रम गिरारी, प्री मैट्रिक कन्या आश्रम तिलकेजा, प्री मैट्रिक बालक आश्रम कोरकोमा, प्री मैट्रिक बालक आश्रम अजगरबहार, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास सतरेंगा, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास नोनदरहा, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास जवें, प्री मैट्रिक कन्या छात्रावास तिवरता, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास तिवरता, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास नोनबिर्स, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास सिल्ली, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास पिपरिया, प्री मैट्रिक बालक छात्रावास जल्के, लैंगा, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास करतला, पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास मैंसमा आदि शामिल हैं.
तीस स्थानों पर स्मार्ट क्लास की तैयारी
आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त श्रीकांत कसेर ने जानकारी दी कि धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना अंतर्गत जिले के तीस आश्रम छात्रावास में स्मार्ट क्लास चलाने की अनुमति केंद्र सरकार की ओर से जिले को मिली है. नये शिक्षण तत्र से इसको शुरु किया जाएगा। इसके लिए अलग से कमारे तैयार कर स्मार्ट क्लास तैयार की जाएगी.
धान खरीदी की लिमिट बढ़कर हुई 88 हजार क्विंटल
कोरबा. राज्य शासन ने धान खरीदी की लिमिट फिर बढ़ा दी है. इसके साथ ही जिले में प्रतिदिन 70 हजार क्विंटल से बढ़कर खरीदी का आंकड़ा 88 हजार क्विंटल हो गया है. लिमिट बढ़ाए जाने से एक दिन में अधिक से अधिक किसान धान बिक्री कर सकेंगे. उपार्जन केंद्रों में अब तक 12 लाख क्विंटल से भी अधिक धान की खरीदी हो चुकी है. खरीफ वर्ष 2025-26 में 30 लाख क्विंटल खरीदी का अनुमान है.
जिले के 65 धान उपार्जन केंद्रों में किसानों से धान की खरीदी की जा रही है. धान उपार्जन के बाद उठाव में आने वाली समस्या को देखते हुए इस बार शासन खरीदी के लिमिट निर्धारित कर दी है. शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के लिए किसान लिमिट बढ़ाने की मांग कर रहे थे. सहूलियत देते हुए शासन ने इसे स्वीकृति दे दी है. धान खरीदी केंद्रों में जिला प्रशासन द्वारा किसानों की उपज खरीदी के लिए आनलाइन टोकन वितरण, बारदाने की उपलब्धता, इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से तौलाई, शीघ्रता से भुगतान आदि की समुचित व्यवस्था की गई है. जिले में 52 हजार से अधिक किसान धान विक्रय के लिए पंजीकृत है. जिला प्रशासन द्वारा समितियों से धान का उठाव भी शीघ्रता से कराया जा रहा है. जिले में अब तक 8 लाख 22 हजार 484 क्विंटल धान का उठाव हो चुका है. जिला प्रशासन द्वारा हाथी प्रभावित क्षेत्रों व संवदेनशील धान खरीदी केंद्रों से प्राथमिकता से धान का उठाव किया जा रहा है. जिससे किसानों को धान बेचने में परेशानी न हो. साथ ही किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संग्रहण केंद्रों की व्यवस्था व समितियों में धान की स्टैकिंग कराकर स्थान बनाया गया है. लिमिट में धान खरीदी की वजह इस वर्ष बीते वर्ष की तुलना में धान उठाव की स्थिति बेहतर है.
जिला खाद्य अधिकारी घनश्याम सिंह कंवर ने बताया कि धान की लिमिट को 70 हजार से बढ़ाकर 88 हजार क्विंटल कर दी गई है. किसानों को धान बिक्री में असुविधा नहीं होगी. खरीदी के साथ उठाव की स्थिति भी बेहतर है.
किसान पोर्टल पर पंजीयन व विवरण की समय सीमा बढ़ी
कृषि विकास व किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन व विवरण संशोधन की प्रक्रिया को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं. विभाग द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि किसानों के पंजीयन के बाद विवरण संशोधन की सुविधा अब 7 जनवरी तक उपलब्ध रहेगी. जानकारी के अनुसार 15 दिसंबर तक केसीसी, ई-ऋण, वन पट्टाधारी किसानों सहित अन्य श्रेणी के किसानों के पंजीयन का प्रावधान संबंधित समितियों के समिति लॉगिन के माध्यम से किया गया था. पंजीयन के पश्चात अनेक किसानों द्वारा अपने विवरणों में संशोधन के लिए आवेदन प्राप्त हुए हैं. इसी क्रम में शासन द्वारा निर्देश दिए गए हैं कि राजस्व विभाग के अधिकारियों और पटवारियों द्वारा भौतिक सत्यापन किए जाने के उपरांत विवरण संशोधन की सुविधा 7 जनवरी तक सभी समितियों में समिति लॉगिन के माध्यम से जारी रखी जाए. इससे पात्र किसानों को अपने पंजीयन में त्रुटियों के सुधार का अवसर मिलेगा और वे शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ समय पर प्राप्त कर सकेंगे.
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