Kota Congress Meeting Hungama: कोचिंग सिटी कोटा में शुक्रवार को कांग्रेस की गुटबाजी सरेआम सड़क पर आ गई। शहर कांग्रेस कार्यालय में बुलाई गई महत्वपूर्ण बैठक उस समय अखाड़े में तब्दील हो गई, जब वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में ही कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि बैठक में जमकर नारेबाजी, धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई।

गुंजल का नाम नहीं लिया तो भड़का गुस्सा

दरअसल, हंगामा उस वक्त शुरू हुआ जब कोटा प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज और नीतीश सुराणा कार्यकर्ताओं की नब्ज टटोलने पहुंचे थे। मंच से जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने संबोधन शुरू किया, लेकिन उन्होंने अपने भाषण में पूर्व लोकसभा प्रत्याशी और दिग्गज नेता प्रहलाद गुंजल का नाम नहीं लिया। गुंजल का नाम गायब होते ही वहां मौजूद उनके समर्थक भड़क गए और नारेबाजी शुरू कर दी।

कुछ ही देर में शांति धारीवाल और प्रहलाद गुंजल के समर्थक आमने-सामने आ गए। सूत्रों ने बताया कि माहौल इतना बिगड़ा कि कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर हाथ छोड़ दिए और लात-घूंसे चलने लगे।

प्रभारी ने स्वीकारी गुटबाजी

हंगामे की वजह से बैठक को कुछ देर के लिए रोकना पड़ा। मामले को बढ़ता देख जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने ऑन-कैमरा स्वीकार किया कि पार्टी के भीतर गुटबाजी है। उन्होंने कहा, कांग्रेस में गुटबाजी से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन हम सबको एकजुट करने की कोशिश कर रहे हैं।

वहीं, जिला अध्यक्ष राखी गौतम ने इस घटना को जोश करार दिया। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, यह चंबल का पानी है, थोड़ा हंगामा तो होना ही है। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है। गौरतलब है कि जब यह सब तमाशा हो रहा था, तब मंच पर प्रहलाद गुंजल, अमित धारीवाल और अमीन पठान जैसे दिग्गज नेता मौजूद थे। वरिष्ठ नेताओं ने बीच-बचाव कर बड़ी मुश्किल से मामला शांत कराया।

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