रणजीत कुमार सम्राट/लखीसराय। मुख्य सड़क मार्ग पर प्रस्तावित फोरलेन निर्माण के लिए घनी आबादी वाले क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों में दहशत और आक्रोश फैल गया है। मकान और दुकानों के हटाए जाने की आशंका से जमीन मालिकों की नींद उड़ गई है। जमीन अधिग्रहण को लेकर आज क्षेत्र में प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि घनी आबादी और कॉमर्शियल इलाके की कीमती जमीन अधिग्रहण करना गलत है। इससे सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।

डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी मिथलेश मिश्र मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित लोगों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। डीएम ने कहा कि फोरलेन निर्माण के लिए विशेष टेक्निकल विभाग को बुलाया जाएगा और यदि कोई वैकल्पिक रास्ता संभव हुआ तो स्थल में बदलाव पर भी विचार किया जाएगा।

व्यापारियों की चिंता बढ़ी

मुंगेर- मोकामा फोरलेन परियोजना के तहत खैरी मौजा क्षेत्र में सैकड़ों मकान, दुकानें और फैक्ट्रियां स्थित हैं, जिनसे लोगों का जीवन-यापन होता है। व्यापारियों को डर है कि यदि यहां से फोरलेन निकली तो वे बेरोजगार हो जाएंगे।

कृषि भूमि लेने की मांग

स्थानीय मकान मालिकों का कहना है कि नियम के अनुसार कृषि योग्य भूमि का ही अधिग्रहण होना चाहिए, न कि घनी आबादी वाले कॉमर्शियल क्षेत्र की जमीन।