सत्या राजपूत, रायपुर। राजधानी रायपुर में एक बार फिर लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है। शहर के नहर रोड भाठागांव स्थित उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल में इलाज के नाम पर कथित लापरवाही और भारी भरकम वसूली के मामले में अब स्वास्थ्य विभाग ने संज्ञान ले लिया है। लल्लूराम डॉट कॉम द्वारा प्रमुखता से खबर प्रकाशित किए जाने के बाद मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मिथलेश चौधरी ने पूरे मामले की जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

सीएमएचओ ने बताया कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है। यह समिति पूरे मामले की बारीकी से जांच कर सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

ये सदस्य करेंगे जांच

जांच समिति में निम्न अधिकारी शामिल किए गए हैं—

  • एस. के. वोहरा, प्रभारी जिला स्वास्थ्य अधिकारी, स्थानीय कार्यालय
  • डॉ. ए. चंद्राराव, निःश्चेतना विशेषज्ञ, मातृ एवं शिशु चिकित्सालय, कालीबाड़ी
  • डॉ. कुलवंत सिंह, एम.डी. मेडिसिन, शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खोखोपारा, जिला रायपुर
  • डॉ. सनी पसरीजा, जनरल सर्जन (डीएमएफ सवि.), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरसींवा, जिला रायपुर
  • समित अग्रवाल, सलाहकार, आयुष्मान भारत, स्थानीय कार्यालय

समिति को निर्देश दिए गए हैं कि इलाज, बिलिंग प्रक्रिया, ऑपरेशन की परिस्थितियों और आयुष्मान योजना के तहत की गई भुगतान प्रविष्टियों की विस्तृत जांच की जाए।

क्या है पूरा मामला

परिजनों का आरोप है कि मरीज को पेट दर्द की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। आयुष्मान भारत योजना के तहत 2 लाख 78 हजार रुपये की राशि निकालने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों को लगभग 15 लाख रुपये का सिर्फ दवाओं का बिल थमा दिया। इसके अलावा ब्लड जांच के नाम पर 1 लाख रुपये से अधिक की राशि वसूले जाने का आरोप है। ऑपरेशन के लिए भी नगद रकम लिए जाने की बात सामने आई है।

परिजनों का कहना है कि मरीज का दो बार ऑपरेशन किया गया और ऑपरेशन के बाद स्थिति बिगड़ने पर भी समुचित उपचार नहीं किया गया। आरोप है कि ऑपरेशन के बाद घाव को खुला छोड़ दिया गया, जिससे संक्रमण बढ़ता गया।

सात दिन में आएगी रिपोर्ट

सीएमएचओ डॉ. मिथलेश चौधरी ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर प्रस्तुत करनी होगी। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई को लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का सीधा असर माना जा रहा है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि क्या अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही और वसूली के आरोप साबित होते हैं या नहीं।

पूर्व में प्रकाशित खबर

Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H