लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का असर, मापदंड़ को दरकिनार कर संचालित हो रहे निजी स्कूलों की होगी जांच…

सत्यपाल सिंह राजपूत, रायपुर। प्रदेश में नियमों के विपरित संचालित हो रहे निजी स्कूलों की जांच के लिए प्रदेश स्तरीय और जिला स्तरीय कमेटी जांच करेगी. बिना खेल ग्राउंड और निर्धारित क्षेत्रफल के किराए के भवनों में संचालित हो रहे निजी स्कूलों के संबंध में लल्लूराम डॉट कॉम ने खबर प्रकाशित की थी, जिसके बाद लोक शिक्षण संचालक ने आदेश जारी किया है.

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लोक शिक्षण संचालक जितेन्द्र शुक्ला ने बताया कि पत्र में कहा गया है कि अप्रैल माह में सभी ज़िलों में जितने भी मान्यता प्राप्त अशासकीय विद्यालय हैं उन सभी के मान्यता का परीक्षण मान्यता संबंधी शर्तों के आधार पर जांच किया जाएगा..इसके लिए विशेष टीम का गठन करें तथा मान्यता संबंधी निर्देशों की चेकलिस्ट टीम को दिया जाए साथ ही कहा गया है कि टीम में संख्या निर्धारण कर जाँच के लिए समय सीमा निर्धारित करने का आदेश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिया गया है…

टीम में ये रहेंगे जाँच कर्ता

जाँच के लिए गठित विशेष टीम में प्राचार्य स्तर के एक अधिकारी एवं व्याख्याता स्तर के दो अधिकारी इस तरह तीन सदस्यीय टीम स्कूलों का निरीक्षण करेगा..

एक टीम इतने स्कूलों की करेंगे परीक्षण

एक टीम पास अधिकतम 10 स्कूलों की मान्यता मापदंड के अनुसार परीक्षण कर रिपोर्ट करेंगे की स्कूल निर्धारित मापदंड का पालन कर रहे हैं कि नहीं बिंदुवार रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं..

नियम-कानून के उल्लंघन पर ये होगी कार्रवाई

जारी आदेश में कहा गया है कि मान्यता मापदंड का उल्लघंन पाए जाने पर पहले उनको नोटिस दिया जाएगा, उनसे मिले जवाब का परीक्षण कर जवाब संतुष्टिजनक नहीं होने पर मान्यता की कसौटी पर नहीं खरे उतरने पर जाँच रिपोर्ट एवं शिक्षा के अधिकार अधिनियम के अनुसार मान्यता समाप्त की जाएगी.

गौरतलब है कि लल्लूराम डॉट कॉम ने उजागर किया था कि प्रदेश दो तिहाई से ज्यादा स्कूल किराए के बिल्डिंग में संचालित हो रहा हैं. ऐसे स्कूलों के पास खेल का मैदान नहीं, निर्धारित क्षेत्र अनुरूप ना कक्षा है और ना भवन, साथ ही शिक्षा के अधिकार अधिनियम के उल्लघंन उन अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है जिनके जिम्मेदारी मान्यता अधिनियम, आरटीई अधिनियम का पालन करने री है. मान्यता निर्धारित मापदंड नहीं होने के बावजूद हर साल मान्यता दी जा रही है, इस पर खबर प्रकाशित करने के बाद विभाग ने संज्ञान लेकर जांच के लिए कमेटी गठन कर जांच करने के लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों पत्र जारी किया गया है.

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स्कूल जांच के ये है मापदंड

1. विद्यालय के ब्यौरा – इसमें इस स्कूल के नाम से लेकर पता, प्रबंधन, एवं स्थानीय पुलिस स्टेशन से वेरिफ़िकेशन किया जाएगा

2, सामान्य जानकारी – स्कूल का पूरा विवरण, जैसे विद्यालय प्रारंभ होने के दिन से अब तक की स्थिति, सोसाइटी, प्रबंधन का नाम, पंजीयन, शपथ पत्र चेयरमैन का डिटेल आदी…

3. विद्यालय का स्वरूप एवं क्षेत्रफल – शिक्षा का माध्यम विद्यालय का प्रकार अनुदान प्राप्त, अनुदान का प्रतिशत, स्कूल का स्वयं का भवन या किराया का भवन, इस स्कूल का क्षेत्रफल और विद्यालय का निर्मित क्षेत्रफल,

4.नामांकन परिस्थिति- कक्षा, सेक्शनों की संख्या विद्यार्थियों की संख्या और संख्या अनुरूप व्यवस्था,

5., अधोसंरचना के ब्यौरा और स्वच्छता संबंधी दशाएं कक्ष, संख्या, औसत आकार, अध्यापन कक्ष, कर्यालय कक्ष, सह भंडार, कक्षा सह प्रध्यापक कक्ष, रसोई भंडार

6 स्कूल स्टाफ़ का ब्योरा एवं नियमानुसार उनकी जानकारी पंजी आदी,

7. बाधारहित पहुंच, अध्ययन समाग्री, पुस्तकालय, पेय जल सुविधा, संख्या के आधार पर सौचालय आदि जांच के बिंदु है.

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