आशुतोष तिवारी, बस्तर। बस्तर संभाग का सुकमा जिला पिछले कई वर्षों से अज्ञात बीमारियों की चपेट में है. लगभग हर साल अलग-अलग गांवों से अचानक मौतों के आंकड़े सामने आते हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल जाती है. इस वर्ष भी ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां सुकमा के डब्बामरका गांव में हाथ-पैर में सूजन की बीमारी से एक युवक की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन से अधिक लोग इसी बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं.
दरअसल, डब्बामरका निवासी 27 वर्षीय वेट्टी मुंडा पिछले तीन दिनों से हाथ और पैरों में तेज सूजन और दर्द से परेशान था. उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे कोंटा ब्लॉक के पोटकपल्ली अस्पताल में भर्ती कराया. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया. मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे एंबुलेंस से उसे जिला अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन शाम करीब 6 बजे रास्ते में ही उसकी मौत हो गई.

युवक की मौत की सूचना मिलते ही प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. टीम तत्काल डब्बामरका गांव पहुंची, जहां जांच के दौरान पता चला कि 6 अन्य लोग भी ऐसी ही बीमारी से ग्रसित हैं. सभी का प्राथमिक उपचार कर जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है.

यह सिलसिला पांच वर्षों से जारी है. सुकमा जिले के अलग-अलग गांवों में अज्ञात बीमारियों से मौतों का सिलसिला लगातार बना हुआ है. अचानक लोगों के बीमार पड़ने के बाद जब मौत हो जाती है, तब प्रशासन सक्रिय होकर जांच शुरू करता है. हालांकि, अब तक इन बीमारियों का कोई ठोस कारण सामने नहीं आ पाया है, और न ही डॉक्टर किसी एक बीमारी को इसकी वजह बता पाए हैं.
स्थानीय स्तर पर और विभागीय आकलन में कई संभावनाएं जताई जा रही हैं. माना जा रहा है कि आयरन युक्त पानी पीने से भी इस तरह की बीमारियां फैल सकती हैं. समय पर पानी की जांच नहीं होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में ऐसा पानी पीते हैं. वहीं स्वास्थ्य विभाग का यह भी कहना है कि गांवों में बनने वाली महुआ शराब का अधिक सेवन किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे हाथ-पैर में सूजन की समस्या होती है.

यह भी आशंका जताई गई है कि महुआ शराब में नशा बढ़ाने के लिए यूरिया मिलाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. फिलहाल, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डटी हुई है और पूरे गांव के लोगों की जांच की जा रही है.
2020 से 2025 तक मौतों के आंकड़े (दावा और रिकॉर्ड)
2020 से 2022
स्थानीय लोगों का दावा: 61 मौतें
प्रशासनिक रिकॉर्ड: विभिन्न कारणों से 47 मौतें दर्ज
कई मामलों में पेट दर्द और हाथ-पैर सूजन जैसे लक्षण पाए गए
सभी मौतों का एक समान कारण सिद्ध नहीं हो पाया
अक्टूबर 2022
करीब 20 मौतों की खबरें
लक्षण: बुखार, उल्टी, दस्त और सूजन
स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जांच बढ़ाई थी लेकिन बीमारी का नाम स्पष्ट नहीं हो पाया था.
अक्टूबर 2024
15 दिनों में लगभग 7 मौतें
कुछ मामलों में BV बैक्टीरियल वेजिनोसिस और उच्च रक्तचाप को कारण बताया गया
बाकी मौतें अस्पष्ट रहीं
स्थानीय लोगों ने दूषित पानी की आशंका जताई
मार्च 2025
एक महीने में 13 मौतें दर्ज
प्रशासन ने कुछ मौतों को उम्र-संबंधित बताया
कई मामलों में कारण अब भी अज्ञात
जनवरी 2026
6 जनवरी को एक युवक की मृत्यु
कारण – हाथ पैर फूलने से
6 ग्रामीण अस्पताल में भर्ती
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