बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कथित IRCTC घोटाले में निचली अदालत की ओर से तय किए गए आरोपों को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है. इस मामले पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट 5 जनवरी को सुनवाई करेगी.  दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट की स्पेशल कोर्ट ने पिछले साल अक्टूबर में लालू प्रसाद यादव सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए थे. इस मामले में लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, उनके बेटे और पूर्व डिप्टी CM तेजस्वी यादव समेत अन्य लोगों के खिलाफ भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं. लालू यादव की यह याचिका सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट में जस्टिस स्वर्णकांत शर्मा की बेंच के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध की गई है.

स्पेशल जज विशाल गोगने की कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा था कि जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे, तब उन्होंने अपने पद का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया. अदालत के मुताबिक, IRCTC के होटल टेंडर से जुड़ी पात्रता शर्तों में हेरफेर किया गया, ताकि पसंदीदा कंपनियों को लाभ पहुंचाया जा सके. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कथित IRCTC घोटाला मामले में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने ट्रायल कोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. इस मामले पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की कोर्ट 5 जनवरी को सुनवाई करेगी.

बताते चले कि 13 अक्टूबर को, राउज एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज (पीसी एक्ट) विशाल गोगने ने लालू यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी के आरोप तय किए थे. तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी पर आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी का आरोप है. CBI ने आरोप लगाया है कि पूर्व रेल मंत्री लालू यादव और उनके परिवार ने रेलवे के प्रमुख रहने के दौरान एक निजी फर्म को ठेके देने के लिए रिश्वत के रूप में प्रमुख भूमि और शेयर लिए.

रॉउज एवन्यू कोर्ट ने यह भी माना कि प्रथम दृष्टया इस कथित साजिश की जानकारी लालू यादव को थी और वे फैसले प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल थे. इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा. कोर्ट ने कहा कि काफी लोग एक साजिश में शामिल थे, इसके अलावा, कोर्ट ने जोर देकर कहा कि पूरी प्रक्रिया निजी भागीदारी को बढ़ावा देने की आड़ में क्रोनी कैपिटलिज्म के बराबर है. कोर्ट ने कहा कि पूरा ट्रांज़ैक्शन पहली नजर में धोखाधड़ी वाला है. इसके बाद ट्रायल कोर्ट ने लालू, राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय कर दिया. अब इस मामले को लेकर लालू दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे हैं.

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