रायपुर। नए कलेक्टर दरों को लेकर आ रही आपत्तियों को देखते हुए राज्य सरकार एक बार दरों पर फिर से विचार कर रही है. इसके लिए एक तरफ जिला मूल्यांकन समिति आपत्तियों का परीक्षण कर पुनरीक्षण का प्रस्ताव तैयार कर रही है. वहीं दूसरी ओर प्रदेश के तकरीबन सभी जिलों में रजिस्ट्री की संख्या में काफी कम हो गई है.
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जानकारी के अनुसार, जमीन की नई गाइडलाइन दरों पर घोषणा के बाद से रायपुर, दुर्ग, और राजनांदगांव में जमीन की रजिस्ट्री नहीं के बराबर हो रही है. इन जिलों में गाइड लाइन दरों में भारी वृद्धि पर काफी आपत्तियां आई है, और दरों की घटाने की मांग जोर-शोर से हो रही है. सांसद बृजमोहन अग्रवाल के अलावा कई सांसद और विधायकों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से गाइड लाइन दरों को कम करने की मांग की है.
दरअसल, सरकार ने सात साल बाद जमीन की गाइडलाइन दरों में बढ़ोतरी की है. गाइडलाइन दरों में कई जगहों पर एक हजार फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई. इसका चौतरफा विरोध हुआ, जिसके बाद कुछ संशोधन किए गए. इसके साथ ही दरों पर 31 दिसंबर तक आपत्तियां बुलाई गई थी. सबसे ज्यादा आपत्ति रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, और राजनांदगांव जिले में आई है. इसके अलावा अंबिकापुर, जशपुर, रायगढ़ और कोरबा में भी गाइडलाइन दरों को लेकर आपत्तियां आईं हैं.
आईजी (रजिस्ट्रेशन) पुष्पेन्द्र मीणा ने बताया कि नई गाइडलाइन दरों पर आपत्तियों का परीक्षण परीक्षण जिला मूल्यांकन कमेटी कर रही है. यह अंतिम चरण में हैं. उन्होंने कहा कि जिलों के प्रस्ताव आने के बाद जल्द ही पुनरीक्षण पर फैसला लिया जाएगा.
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