भिवानी: ‘चलो गांव की ओर’ अभियान के तहत भिवानी-महेंद्रगढ़ के सांसद चौधरी धर्मबीर सिंह ने आधा दर्जन से अधिक गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में गिरते भू-जल स्तर को सुधारने के लिए एक विशेष ब्लू प्रिंट साझा किया और किसानों को रसायन मुक्त खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
जल संकट से निपटने के लिए 5 हजार करोड़ का खाका
सांसद ने बामला, फुलपुरा, नोरंगाबाद और धारेडू सहित कई गांवों में जनसंपर्क करते हुए बताया कि जल प्रबंधन के लिए नाबार्ड और विश्व बैंक के साथ करीब 5 हजार करोड़ रुपये का समझौता हुआ है। उन्होंने ग्राम पंचायतों से अपील की कि वे जल संचयन के लिए 4 से 7 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएं। मानसून से पहले बड़े तालाबों का निर्माण कर बारिश के पानी को सहेजा जाएगा, जिससे खारा पानी मीठा होगा और जल भराव की समस्या से भी निजात मिलेगी।
प्राकृतिक खेती से सुधरेगा स्वास्थ्य
किसानों को संबोधित करते हुए सांसद धर्मबीर सिंह ने कहा कि डीएपी और यूरिया का अधिक प्रयोग कई बीमारियों की जड़ है। उन्होंने किसानों से गोबर की खाद और प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं प्राकृतिक खेती के पक्षधर हैं और आने वाले समय में इसी पद्धति से स्वास्थ्य और मिट्टी दोनों को सुधारा जा सकता है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का लिया फीडबैक
यह अभियान 14 अप्रैल को बाबा साहेब अंबेडकर जयंती तक विशेष रूप से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और पीएम किसान जैसी योजनाओं का जमीनी फीडबैक लेना है। सांसद ने स्पष्ट किया कि जल प्रबंधन केवल सरकार का काम नहीं है, बल्कि हर नागरिक को पानी की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेना होगा ताकि भविष्य सुरक्षित रहे।
रक्तदान शिविर में भी हुए शामिल
ग्रामीण दौरे से पूर्व सांसद ने एक रक्तदान शिविर में शिरकत की। वहां उन्होंने पर्यावरण और स्वास्थ्य के महत्व पर चर्चा करते हुए युवाओं को समाज सेवा के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

