पटना। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपालों की नियुक्तियों में बड़ा फेरबदल किया है। इस फेरबदल के तहत सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वह वर्तमान राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का स्थान ग्रहण करेंगे। राजभवन में इस नई नियुक्ति को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं।

​शेरवुड कॉलेज से लंदन तक का शैक्षणिक सफर

​सैयद अता हसनैन की शुरुआती शिक्षा नैनीताल के प्रसिद्ध शेरवुड कॉलेज में हुई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। उनकी शैक्षणिक योग्यता वैश्विक स्तर की रही है; उन्होंने लंदन स्थित ‘रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज’ और हवाई के ‘एशिया-पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज’ से भी विशेष अध्ययन किया है, जो उनकी रणनीतिक समझ को दर्शाता है।

​सेना में चार दशकों का गौरवशाली करियर

​हसनैन का सैन्य सफर 1974 में शुरू हुआ, जब उन्हें इंडियन मिलिट्री एकेडमी से ग्रेजुएशन के बाद गढ़वाल राइफल्स की चौथी बटालियन में कमीशन मिला। लगभग 40 वर्षों के करियर में उन्होंने जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने श्रीनगर स्थित 15 कॉर्प्स (चिनार कॉर्प्स) की कमान संभाली और 21 कोर के कमांडर भी रहे। 2013 में सेना मुख्यालय में मिलिट्री सेक्रेटरी के पद से रिटायर होने से पहले उन्होंने सेना के कई ऑपरेशन्स का नेतृत्व किया।

​सम्मान और नागरिक जीवन में योगदान

​उनकी विशिष्ट सेवा के लिए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) जैसे शीर्ष सैन्य सम्मानों से नवाजा गया है। रिटायरमेंट के बाद वे शैक्षणिक क्षेत्र में सक्रिय रहे और 2018 में कश्मीर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के चांसलर बने। वे राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर एक प्रखर विश्लेषक के रूप में भी पहचाने जाते हैं।