पत्रकार निकष परमार की कविताओं में आम जीवन और प्रकृति का यथार्थ चित्रण, काव्य संग्रह पर हुई चर्चा

रायपुर। पत्रकार और कवि निकष परमार की काव्य संग्रह ‘पृथ्वी पर जन्म लेने के बाद’ पर आज एक संगोष्ठी का आयोजन नये स्वर संस्था की ओर से किया गया. कृष्ण कॉम्पेलक्स स्थित मंथन हॉल में आयोजित इस गोष्ठी में नेशनल बुक ट्रस्ट के संपादक डॉ. लालित्य ललित, काव्य संग्रह के प्रकाशक दिनेश साहू, सीएम के सलाहकार रुचिर गर्ग विशेष रूप से मौजूद थे.

विशेष अतिथियों, साहित्यकारों और निकष के दोस्तों ने उनकी कविताओं के साथ उनके जीवन पर भी चर्चा की. डॉ. लालित्य ने कहा कि निकष की कविताएं दिल को छू लेने वाली है. संवेदनाओं से भरी कविताएं हम सबके जीवन के बेहद करीब है. उन्होंने इस दौरान यह वादा किया कि वे निकष की कविताओं का प्रकाशन एनबीटी से कराएंगे.

वहीं रुचिर गर्ग ने कहा कि निकष उनके साथ काम कर चुके हैं. निकष कभी खुद से कुछ नहीं कहा. उनका हर किसी से आत्मीय जुड़ाव और लगाव रहा है. मैं उन्हें वर्षों से जानता हूँ. उनकी कविताओं का संग्रह पढ़कर बेहद खुशी हो रही है. उनकी कविताओं में जीवन बोध है. मैं काव्य संग्रह के लिए निकष को बधाई देता हूँ.

काव्य संग्रह के प्रकाशक दिनेश साहू ने कहा कि निकष बेहद संकोची स्वभाव का है. वे अन्य कवियों या लेखकों की तरह छपासी नहीं है. उनकी कविताओं का प्रकाशन 5 वर्ष पहले हो चुका था, लेकिन चर्चा आज हो रही है. उनकी एक और किताब आने को है, लेकिन वे खुद प्रयास नहीं कर रहे हैं. निकष एक प्रतिभाशाली कवि है. उनकी कविताओं में जीवन और प्रकृति का दर्शन है.

समाजसेवी और कवि निश्चय वाजपेयी ने कहा कि निकष की कविताएं जीवन के बेहद करीब है. उनकी कविताओं में प्रकृति का गजब का चित्रण है. उन्होंने कविताओं के जरिए अपने अनुभवों को बाँटने का काम किया है. उन्होंने अपनी छोटी सी काव्य संग्रह में अनेक आयामों तक पहुँचने की कोशिश की है. माँ पर लिखी गई कविता हो या फिर लोककला या पेड़ या शर्दियों पर लिखी गई कविता. सारी कविताओं में भाषा का सौंदर्य के देखने को मिलता है.

इस दौरान निकष ने स्वयं अपनी कविताओं का पाठ भी किया है. उन्होंने इस आयोजन के लिए नये स्वर के साथियों का धन्यवाद भी किया. वहीं शारदेंदु झा और अनिता झा की ओर से निकष को सम्माति भी किया गया. गोष्ठी का संचालन समीर दीवान और आभार डॉ. संकेत ठाकुर ने किया.

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