लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को भर्ती प्रक्रिया से चयनित 1,228 नर्सिंग अधिकारियों के नियुक्ति-पत्र वितरण कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने चयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया. उन्होंने कहा कि नर्सिंग, सेवा और संवेदना का एक पवित्र पेशा है. जब आपकी सेवा और संवेदनशीलता मरीजों के साथ जुड़ती है, तो उसके सकारात्मक परिणाम स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं. ‘वासंतिक नवरात्रि’ के पावन अवसर पर बेटियों को प्राप्त यह नियुक्ति-पत्र नारी शक्ति के स्वावलंबन का एक आदर्श उदाहरण है.

सीएम ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया. आज उसी का परिणाम है कि यह परिवर्तन हमें हर क्षेत्र में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है. आज उत्तर प्रदेश में यूनिवर्सल हेल्थ कवरेज के अंतर्गत लगभग सवा 9 करोड़ लाभार्थी जुड़े हुए हैं. मातृ मृत्यु दर (MMR) और शिशु मृत्यु दर (IMR) में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है, जिससे उत्तर प्रदेश आज राष्ट्रीय औसत के समकक्ष खड़ा हो रहा है. पिछले 9 वर्षों में प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है. गोरखपुर और रायबरेली में एम्स सुचारु रूप से संचालित हो रहे हैं. महराजगंज, संभल, शामली सहित अन्य जनपदों में पीपीपी मोड पर स्थापित मेडिकल कॉलेज भी सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहे हैं.

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उत्तर प्रदेश में नर्सिंग की सीटों में 7,000 तथा पैरामेडिकल की सीटों में 2,000 की वृद्धि की गई है। प्रदेश में एमबीबीएस (यूजी) की सीटें पहले 5,390 थीं, जो बढ़कर 12,000 से अधिक हो गई हैं, जबकि पीजी सीटें 1,221 से बढ़कर 5,056 हो गई हैं। प्रदेश में आज 1,228 अभ्यर्थियों का नर्सिंग अधिकारी के रूप में सफल चयन के उपरांत नियुक्ति पत्र वितरित किए गए। इनमें 1,097 महिलाएं और 131 पुरुष शामिल हैं। नवरात्रि के इस अवसर पर महिलाएं प्रसन्न होंगी कि उन्होंने पुरुषों से अधिक संख्या में चयन प्राप्त किया है। हमने पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया, जिसके परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर 44,000 से अधिक हो गई है, जबकि वर्ष 2017 तक प्रदेश में मात्र 10,000 महिला पुलिसकर्मी थीं। इस बढ़ी हुई भागीदारी के परिणामस्वरूप प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अधिक प्रभावी कदम उठाने में सफल हुए हैं।