राजधानी दिल्ली में मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) ने 2021 में हुए एक सड़क हादसे के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। ट्रिब्यूनल ने ट्रक चालक और ट्रक मालिक को दोषी मानते हुए मृतक फौजी के परिवार को 69.61 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। मामले में ट्रिब्यूनल ने कहा कि दुर्घटना लापरवाही से वाहन चलाने के कारण हुई थी। हादसे में 53 वर्षीय फौजी बाल किशन की मौत हो गई थी। अदालत ने माना कि इस दुर्घटना की जिम्मेदारी ट्रक चालक और वाहन मालिक की है। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह मृतक के परिवार को 69.61 लाख रुपये की मुआवजा राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करे। यह राशि परिवार के आर्थिक नुकसान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।

साकेत जिला अदालत के MACT ने 20 फरवरी 2025 को अपने आदेश में कहा कि ट्रक चालक की लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई। जांच के दौरान ट्रक के टायर पर खून के निशान भी मिले थे, जो हादसे की पुष्टि करते हैं। इसके अलावा मैकेनिकल जांच रिपोर्ट में भी चालक की लापरवाही सामने आई। सुनवाई के दौरान ट्रक चालक गवाह के तौर पर अदालत में पेश भी नहीं हुआ। वहीं ट्रक चालक, ट्रक मालिक और बीमा कंपनी के वकीलों की ओर से यह साबित करने की कोशिश की गई कि दुर्घटना मृतक फौजी बाल किशन की गलती से हुई थी। हालांकि ट्रिब्यूनल ने उपलब्ध साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर इस दलील को खारिज कर दिया।

ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह मृतक के परिवार को 69.61 लाख रुपये की मुआवजा राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करे। अदालत ने कहा कि यह राशि परिवार को हुए आर्थिक नुकसान और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तय की गई है।

20 मई 2026 को होगी अगली सुनवाई

साकेत जिला अदालत स्थित MACT के पीठासीन अधिकारी अंजनी महाजन ने 20 फरवरी 2025 को यह आदेश सुनाया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि ट्रक चालक की लापरवाही हादसे की मुख्य वजह थी। जांच के दौरान ट्रक के टायर पर खून के निशान भी मिले थे और मैकेनिकल जांच रिपोर्ट में भी चालक की लापरवाही सामने आई। सुनवाई के दौरान ट्रक चालक गवाह के तौर पर अदालत में पेश भी नहीं हुआ। वहीं ट्रक चालक, वाहन मालिक और बीमा कंपनी की ओर से यह दलील दी गई कि दुर्घटना मृतक की गलती से हुई थी और वह तेज रफ्तार से मोटरसाइकिल चला रहे थे। हालांकि ट्रिब्यूनल ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इन दलीलों को खारिज कर दिया।

यह क्लेम याचिका मृतक फौजी बाल किशन की पत्नी और उनके चार बच्चों की ओर से दायर की गई थी। परिजनों ने अदालत को बताया कि हादसे के समय बाल किशन की मासिक आय 67,534 रुपये थी और पूरा परिवार उनकी कमाई पर ही निर्भर था। परिवार ने आर्थिक कठिनाइयों का भी जिक्र किया था। ट्रिब्यूनल ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह मृतक के परिवार को 69.61 लाख रुपये की मुआवजा राशि 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ जमा करे। इस मामले में अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 20 मई 2026 तय की है।

कोर्ट ने किया मुआवजे की राशि का बंटवारा

ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की राशि का बंटवारा करते हुए मृतक की पत्नी को 49,61,866 रुपये और उनके चारों बच्चों को 5-5 लाख रुपये देने का निर्देश दिया है। दरअसल, 29 अक्टूबर 2021 की दोपहर को बाल किशन अपनी मोटरसाइकिल HR-52-G-7376 से पलवल के अंधोप से सिहोल की ओर जा रहे थे। जब वह चांदहट के किदवारी के पास पहुंचे, तभी तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाए जा रहे ट्रक UP-65-JT-9892 ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाल किशन सड़क पर गिर गए और उन्हें गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद उन्हें पलवल जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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