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प्रयागराज. संगमनगरी तक सुविधाजनक पहुंचना, वहां बुनियादी सुविधाओं के साथ ठहरना और संगम में सुरक्षित स्नान करने के लिए ज़रूरी है कि आपकी तैयारी और प्रयागराज के विषय में जानकारी पुख़्ता होनी चाहिए. प्रयागराज उत्तर प्रदेश और भारत के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है. प्रयागराज सड़क, रेल और वायु मार्ग से पहुंचा जा सकता है, जो देश के हर शहर से जुड़ा हुआ है.
बता दें कि प्रयागराज राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग के माध्यम से देश के सभी हिस्सों से जुडा है. प्रयागराज के 3 बस अड्डे चारों दिशाओं से आने वाले श्रद्धालुओं को कवर करता है. उत्तर मध्य रेलवे जोन के मुख्यालय होने के नाते, प्रयागराज भारतीय रेल का प्रमुख स्टेशन है. प्रयागराज में 8 रेलवे स्टेशन हैं, जो किसी भी दिशा से आने वाले यात्रियों के लिए स्वागत द्वार की तरह तैनात हैं. इलाहाबाद का डोमेस्टिक हवाई अड्डा, बमरौली एयर फोर्स बेस कहलाता है. ये प्रयागराज से 12 किमी दूर है. प्रयागराज के पास ही दो और भी हवाई अड्डे हैं, एक वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री हवाई अड्डा और दूसरा लखनऊ का अमौसी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा. ये सभी हवाई अड्डे भारत के लगभग सभी शहरों को कवर कर लेते हैं.
हर रोज उपलब्ध होती हैं फ्लाइट
एयर इंडिया, एयर इंडिया एक्सप्रेस, गोएयर, इंडिगो जेट एयरवेज, किंगफिशर एयरलाइंस और स्पाइस जेट जैसी प्रमुख एयरलाइन की दैनिक उड़ाने प्रयागराज के लिए उपलब्ध हैं. हवाई अड्डे से स्थानीय गाड़ी और अंतरराज्यीय बसों का उपयोग प्रयागराज तक पहुंचने के लिए किया जा सकता है.
शाही स्नान में भाग लेना चाहते हैं तो
यदि आप 14 जनवरी, 29 जनवरी और 3 फरवरी के शाही स्नान में भाग लेना चाहते हैं तो अपना टेंट पहले ही बुक करा लें. IRCTC ने महाकुंभ ग्राम और IRCTC टेंट सिटी की व्यवस्था की है. इस बार महाकुंभ में 40 करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान है, इसलिए असावधानी से बचने के लिए अपनी तैयारी चुस्त रखें. संगम के पास बना हुआ द अल्टीमेट ट्रैवलिंग कैंप है. इस कैंपसाइट में 44 आलीशान टेंट हैं, अगर यहां ठहरना हो तो इसकी भी बुकिंग एडवांस में करा लें. इसके अलावा घर से निकलते वक्त जरूरी सामान की पैकिंग चेक कर लें, जैसे जरूरी दवाएं, हालांकि, साधु-संतों और श्रद्धालुओं के लिए आवास, सुरक्षा और मेडिकल इमरजेंसी जैसी तमाम चीजों का इंतजाम उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर कर रही है. उसका भी पूरा लाभ उठाने के लिए सजग रहें.
इन चीजों का रखें विशेष ध्यान
महाकुंभ आने से पहले आवश्यक नकदी, आने-जाने की टिकिट, सरकार का जारी किया रूट मैप वग़ैरह ध्यान से देख लें. याद रखें यदि चलने-फिरने में दिक़्क़त होती हो तो महाकुंभ आने के विषय में दोबारा सोंच ले और छोटे बच्चों को तो कभी साथ लेकर ना आएं. लल्लूराम डॉट काम आपके मंगलमय यात्रा की कामना करता है.
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