Mahanisha Puja 2025: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि 5 अप्रैल 2025 को महानिशा पूजा की जाएगी. यह पूजा विशेष रूप से तांत्रिक साधना करने वालों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है. चैत्र नवरात्रि में अष्टमी तिथि देवी महागौरी को समर्पित होती है, लेकिन तांत्रिक परंपरा में यही दिन महाकाली या भैरवी जैसे उग्र रूपों की आराधना के लिए भी उपयुक्त माना जाता है.
अष्टमी की रात्रि को “महानिशा काल” कहा जाता है, और इस काल में साधना करने से साधक को विशेष सिद्धियाँ एवं तांत्रिक शक्तियाँ प्राप्त होती हैं. इस साधना का उद्देश्य देवी के उग्र और तांत्रिक स्वरूपों (जैसे काली, तारा, भैरवी) को प्रसन्न करना होता है.
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इस दिन महानिशा पूजा क्यों की जाती है? (Mahanisha Puja 2025)
- यह रात्रि विशेष रूप से शक्ति जागरण, तांत्रिक सिद्धि और दुर्बलताओं के नाश के लिए सर्वोत्तम मानी जाती है.
- देवी शक्ति की कृपा प्राप्त करने हेतु यह सबसे प्रभावशाली समय होता है.
- साधक इस समय देवी को प्रसन्न कर अपने जीवन से रोग, शोक, भय और शत्रु बाधा को दूर कर सकते हैं.
- यह पूजा केवल अनुभवी साधकों द्वारा ही की जानी चाहिए, क्योंकि यह शक्तिशाली तांत्रिक ऊर्जा को जाग्रत करती है.
- यदि इसे सही विधि से किया जाए, तो यह पूजा साधक को भय, रोग, शत्रु बाधा और मानसिक दुर्बलता से मुक्ति दिला सकती है.
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