राजशाही परंपरा: सिंधिया रियासत के महाराज ज्योतिरादित्य बेटे संग में पहुंचे दशहरा मैदान, विधि विधान से किया शमी पूजन

कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। दशहरे के मौके पर केंद्रीय मंत्री और सिंधिया रियासत के महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया ने राजसी परम्परा के साथ शमी पूजन किया. ज्योतिरादित्य सऔर उनके बेटे महा आर्यमन सिंधिया ने शाही वेशभूषा में मांढरे की माता स्तिथ दशहरा मैदान में पहुंचकर शमी पूजन किया.

शाम करीब 6 बजे के समय सिंधिया राजसी वेशभूषा में मांढरे की माता पर पहुंचे. यहां पर उन्होंने सिंधिया रियासत के राजदरबारी मराठा सरदारों के साथ शमी वृक्ष और पत्तियों की पूजा की. जैसे ही सिंधिया ने पूजा पूरा कर तलवार से शमी के पेड़ छूआ तो लोगों ने शमी पेड़ की पत्तियों को लूटने के लिए टूट पड़े.

दरअसल, शमी के पेड़ की पत्तियों को सोने का प्रतीक माना जाता है और लोग इसे लेने के लिए आतुर रहते हैं. आज के दिन लोग इसकी पत्तियों को तोड़कर महाराज को देते हैं. बहरहाल सिंधिया ने भी लोगों को दशहरे की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बुराई पर अच्छाई और सत्य की जीत का प्रतीक है दशहरा. इस मौके पर हम कामना करते हैं कि कोरोना का भी निबटारा हो जाए, ताकि देश प्रगति के रास्ते पर बढ़ता चले.

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