पटना। बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने मैथिली भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण तथा संवर्धन को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखते हुए मैथिली अकादमी को उसके पूर्ववत स्वतंत्र और स्वायत्त स्वरूप में सशक्त करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि अकादमी को मजबूत बनाना न केवल सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए जरूरी है, बल्कि यह करोड़ों मैथिलीभाषियों की भावनाओं से भी जुड़ा विषय है।

1976 में हुई थी स्थापना, दी राष्ट्रीय पहचान

पत्र में उन्होंने उल्लेख किया कि 1976 में स्थापित मैथिली अकादमी ने शोध, प्रकाशन और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से भाषा को नई पहचान दिलाई। अकादमी द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का उपयोग विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में किया जाता रहा है, साथ ही UPSC और BPSC जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी ये पुस्तकें उपयोगी रही हैं। सरावगी ने कहा कि अकादमी ने वर्षो से साहित्यकारों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को मजबूत मंच प्रदान किया है।

राज्य सरकार से सकारात्मक कदम की उम्मीद

सरावगी ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार अकादमी के सुचारू और प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक कदम उठाएगी। उनके अनुसार, अकादमी के सशक्तिकरण से नई पीढ़ी को भाषा और संस्कृति से जुड़ने के अवसर मिलेंगे तथा प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और अधिक समृद्ध होगी।